मुसाफिरखाना तहसील गेट पर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। एसडीएम अभिनव कनौजिया के कार्य व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील गेट पर सुबह 10 बजे से धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जो साढ़े चार बजे तक चला। धरने के चलते तहसील परिसर में चार पहिया व दो पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
30 दिसंबर से शुरू हुए अधिवक्ताओं के आंदोलन को एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका है। न्यायिक कार्य न होने से वादकारी परेशान हैं। न्यायालयों में लंबित मामलों का दबाव बना रहा। एसडीएम की अदालत में 122, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 62, तहसीलदार की अदालत में 43, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 65 तथा नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 75 मुकदमे सूचीबद्ध थे। शुक्रवार को तहसील में रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह ठप रहा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सीडीओ, एडीएम न्यायिक और एडीएम वित्त एवं राजस्व से मिला। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से काम पर लौटने की अपील की, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान सीपी सिंह, केके सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, राजन सिंह, अरुण कौशल, जगतराम पाल, अश्विनी श्रीवास्तव, देवप्रकाश शर्मा, संदीप, नवनीत चौबे, संजय शुक्ला, सतीश सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।