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200 परिषदीय स्कूलों में तैयार होगा किचन गार्डेन

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गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों को कायाकल्प के जरिए आकर्षित बनाने के बाद परिसर में पड़ी खाली भूमि पर किचन गार्डेन तैयार किया जाएगा। कवायद सफल हो इसके लिए पहले चरण में 200 स्कूलों का चयन किया गया है। चयनित स्कूलों के खातेे में पांच हजार रुपये अंतरित करते हुए गार्डेन स्थापना व रख-रखाव पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है। स्कूलों में किचन गार्डेन तैयार होने से क्यारी बनाकर हरी सब्जियां, फल व फूल उगाए जाएंगे। वहीं मिड-डे-मील में तैयार होने वाले भोजन में ताजी व पोषक युक्त सब्जी बनने से बच्चों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल, 33 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल व 35 राजकीय स्कूल में कक्षा एक से आठ तक पंजीकृत 1,84,222 विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा रहा है। कायाकल्प से स्कूल भवनों को आकर्षित व अवस्थापना की सुविधा से लैस किया जा रहा है।
स्कूल भवनों की मरम्मत कराने के बाद शासन ने मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूल में खाली पड़ी भूमि पर स्कूल न्यूट्रिशन गार्डेन (किचन गार्डेन) तैयार करने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो इसके लिए पहले चरण में जिलेे के 200 प्राथमिक स्कूलों में गार्डेन तैयार करने के लिए पर्याप्त भूमि वाले स्कूल चिह्नित कर लिए गए हैं। चिह्नित स्कूलों के खातों में पांच हजार रुपये प्रति स्कूल की दर से अंतरित करते हुए प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया गया है।
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पत्र में आवंटित धनराशि से परिसर में खाली पड़ी भूमि पर किचन गार्डेन तैयार करते हुए स्थापना व रख-रखाव पर खर्च करने को कहा गया है। किचन गार्डेन से विद्यार्थियों में क्यारी बनाकर हरी सब्जियां फल व फूल बोने/ उगाने के प्रति उत्साह बढ़ेगा तो एमडीएम योजना में तैयार होने वाले भोजन में ताजी व पोषक युक्त सब्जी बनने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। इतना ही नहीं स्कूल में किचन गार्डेन तैयार होने से बच्चों को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता व उसमेें पाए जाने वाले पोषण तत्वों की जानकारी भी होगी।
जानकारी होने के बाद बच्चे घर में भी क्यारी के माध्यम से हरी सब्जियां, फल व फूल का उत्पादन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त बच्चों में मिल जुलकर कार्य करने की भावना का भी विकास होगा। पहले चरण में 200 स्कूलों में गार्डेन तैयार करने के बाद जल्द ही अन्य स्कूलों में किचन गार्डेन तैयार कर बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों को हरा-भरा बनाते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ पोषक युक्त भोजन देकर उनके स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में सहयोग करेगा।
ब्लॉकवार चिह्नित स्कूल
मध्याह्न भोजन के तहत पहले चरण में किचन गार्डेन के लिए बहादुरपुर, भादर, भेटुआ, गौरीगंज व तिलोई ब्लॉक क्षेत्र में 17-17 तो जगदीशपुर, जामो, मुसाफिरखाना, सिंहपुर व बाजार शुकुल में 18-18 तथा संग्रामपुर में 14 प्राथमिक स्कूल चिह्नित किए गए हैं। चिह्नित स्कूलों के खाते में राशि अंतरित करने के बाद प्रधानाध्यापकों को किचन गार्डेन तैयार कर उपभोग प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया गया है।
उगाई जाएंगी यह सब्जियां
जिला समन्वयक एमडीएम ने बताया कि किचन गार्डेन तैयार करने व सुरक्षित रखने के लिए पौधे गमले में लगाने के साथ खाली पड़ी भूमि पर क्यारी बनाकर लगाए जाएंगे। मां समूह के साथ बच्चों को सुपुर्द करते हुए उनकी देख-रेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जायद सीजन में भिंडी, पालक, लोबिया, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, बैंगन, चुकंदर, शलजम, गाजर व मूली तो खरीफ सीजन में चौलाई, भिंडी, बैगन, करेला, लोबिया, तुरई, कद्दू, लौकी, प्याज व सेम की खेती की जाएगी। इसी तरह रबी सीजन में टमाटर, मटर, मिर्च, फूलगोबी, पत्तागोभी, पालक, मेथी, सोया, धनिया, शिमला मिर्च, बैंगन, प्याज, लहसुन, गाजर व मूली का उत्पादन किया जाएगा।
अनुश्रवण व सुरक्षा की होगी व्यवस्था
बीएसए डॉ. अरिवद कुमार पाठक ने 200 स्कूलों में किचन गार्डेन तैयार कराए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि पौधों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर की बाउंड्रीवॉल व गेट का निर्माण कायाकल्प से किया गया है। किचन गार्डेन की नियमित निगरानी नोडल अफसरों से कराई जाएगी। स्कूल में हरी पोषक युक्त सब्जियाें का उत्पादन करने के साथ ही परिसर को फूलों के उत्पादन से आकर्षित करने का निर्देश दिया गया है।
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