अमेठी सिटी। नौनिहालों का स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए बांटे गए पोषाहार में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बच्चों को बांटे गए पोषाहार के पैकेट में कीड़े रेंग रहे थे। लाभार्थियों ने मामले की शिकायत आंगनबाड़ी केंद्र व सीडीपीओ से की। लापरवाही उजागर हुई तो विभाग ने गलती मानते हुए पोषाहार के पैकेट वापस कराए।
बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत बच्चों के लिए पोषाहार का निशुल्क वितरण किया जाता है। पोषाहार वितरण मामले में अक्सर लाभार्थियों की ओर से शिकायत की जाती है। शुक्रवार को भेंटुआ विकासखंड के मनीरामपुर ग्रामसभा के मुसवापुर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार वितरित किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र से करीब 50 घरों में दाल के पैकेट बांटे गए। दाल के पैकेट खराब थे, लेकिन पैक होने के चलते वितरण के समय लाभार्थियों को जानकारी नहीं हो सकी।
घर जाकर जब उन्होंने पैकेट खोला तो सामग्री खराब मिली। लाभार्थी राम बहादुर गुप्ता की बेटियां आरोही और श्रेया जब केंद्र से राशन लेकर घर पहुंचीं तो दाल के पैकेट में घुन और रेंगते कीड़े पाए गए। यह देख परिजनों ने फौरन सीडीपीओ प्रभारी से शिकायत की। विभागीय अधिकारियों की जांच में सभी पैकेट वापस लेने के निर्देश दिए गए। डीपीओ संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि दाल के बांटे गए पैकेट की शिकायत मिली थी। दाल में कहीं कीड़ा दबा हुआ पाया गया था, इसके बाद फौरन सभी दाल के पैकेट वापस करा लिए गए। बाद में उनकी जगह फ्रेश दाल के पैकेट वितरित किए गए। डीपीओ ने बताया कि नेफेड को दाल के पैकेट वापस भेजे जाएंगे।