अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और विधि विरुद्ध मार्ग अवरुद्ध करने के आरोपों से जुड़े प्रकरण में बृहस्पतिवार को अदालत में साक्ष्य पर सुनवाई नियत रही। कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत 11 आरोपियों से संबंधित मामले में गवाह के उपस्थिति न होने के कारण साक्ष्य की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इस स्थिति में अदालत ने अगली तिथि निर्धारित कर दी।
एमपी-एमएलए कोर्ट सुल्तानपुर के स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले में गवाही दर्ज करने के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की है। प्रकरण का संबंध नौ अगस्त 2017 की घटना से है। गौरीगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रधान लेखक ने तहरीर देते हुए बताया था कि उस दिन तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर धरना दिया गया था। इस दौरान मार्ग अवरुद्ध होने समेत अन्य आरोप सामने आए थे। तहरीर के आधार पर स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई।
वादी ने योगेंद्र मिश्र, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह सहित कई लोगों को नामजद किया था, जबकि सैकड़ों कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अज्ञात में मामला दर्ज हुआ था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने योगेंद्र मिश्र, दीपक सिंह, धर्मेंद्र शुक्ल, नईम, पंकज सिंह, प्रदीप सिंघल, अनिल सिंह, शेषनाथ समेत कुल 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। प्रकरण में सभी आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। वादी की लगातार अनुपस्थिति के चलते मुकदमे का परीक्षण प्रभावित हो रहा है। अदालत ने अगली सुनवाई पर गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।