अमेठी रोडवेज बस में टूटा फर्स्ट एड बॉक्स और खाली सिलिंडर।
- फोटो : अमेठी रोडवेज बस में टूटा फर्स्ट एड बॉक्स और खाली सिलिंडर।
अमेठी। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन निगम के दावे लगातार खोखले साबित हो रहे हैं। पड़ताल में सामने आया है कि डिपो की अधिकांश पुरानी रोडवेज बसों में न तो फर्स्ट एड बॉक्स की समुचित व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र समय से रिफिल कराए जाते हैं। ऐसे में किसी भी हादसे की स्थिति में यात्रियों की जान पर बन सकती है।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में 12 से अधिक लोगों की जलकर मौत हो गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद भी बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। पड़ताल के दौरान बुधवार को डिपो पर खड़ी आलमबाग डिपो की बस संख्या यूपी 34 टी 7486 में फर्स्ट एड बॉक्स पूरी तरह खाली पाया गया। वहीं बस में लगा अग्निशमन यंत्र भी बेहद पुराना था, जिसका प्रेशर गायब मिला। नई बसें छोड़ पुरानी बसों में बॉक्स तो है पर उनमें दवाएं गायब हैं।
वहीं, कई पुरानी बसों में इमरजेंसी गेट भी मानक के अनुरूप है। सीट के बीच मे उनका हैंडल है, जिससे वह इमरजेंसी में खुल भी नहीं सकते। अमेठी से लखनऊ जाने वाले यात्री संतोष यादव ने बताया कि रोडवेज बसों में सफर के दौरान किसी यात्री को चोट लग जाए तो तत्काल प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं होती। वहीं, भादर निवासी रीना शुक्ला, सुमित, अजय, मनोज ने परिवहन विभाग से मांग की है कि रोडवेज बस में भरा हुआ फर्स्ट एड बॉक्स, कार्यशील और समय से रिफिल किया गया अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें।
एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि आलमबाग डिपो की एक बस में अग्निशमन यंत्र सही न होने के संदर्भ में वहां के एआरएम को पत्राचार किया गया है। डिपो की सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है।