अमेठी सिटी। आंधी-पानी के 60 घंटे बाद भी जिले के तिलोई, गौरीगंज, जगदीशपुर, बाजारशुकुल और सिंहपुर क्षेत्र के 400 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे करीब तीन लाख लोग भीषण गर्मी और उमस में परेशान हैं, वहीं पेयजल संकट भी गहरा गया है।
बिजली विभाग के अनुसार आपदा में 1100 से अधिक बिजली के खंभे और 95 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। शुक्रवार तक 250 खंभे और 25 ट्रांसफार्मर ही बदले जा सके हैं। अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है और 75 फीसदी आपूर्ति देर रात तक बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
शेष आपूर्ति शनिवार शाम तक बहाल होने की उम्मीद है। बिजली न होने से घरों में उपकरण ठप हैं और व्यापार-कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
तीन दिन से बिजली-पानी को तरसी एक लाख आबादी
बाजारशुकुल। महोना, बाजारशुकुल और सत्थिन उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में 48 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। पाली व उरेरमऊ क्षेत्र में 12 पोल टूटे हैं और कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। सत्थिन में हाईटेंशन के 87 और एलटी लाइन के 110 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक लाख से अधिक लोग तीन दिनों से बिजली-पानी के संकट से जूझ रहे हैं।
जगदीशपुर में 69 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
जगदीशपुर। आंधी-बारिश से क्षेत्र में 500 से अधिक पोल और 69 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गांवों में आपूर्ति अभी भी बाधित है। देवकली फीडर पूरी तरह बंद है, जबकि अन्य फीडर आंशिक रूप से चालू हैं। विभाग के अनुसार पूरी बहाली में दो-तीन दिन और लग सकते हैं।
सिंहपुर के 50 गांव अंधेरे में, डेढ़ लाख लोग प्रभावित
सिंहपुर। सेमरौता उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। करीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित हैं। 150 से अधिक टूटे खंभों की मरम्मत का काम जारी है। विभाग ने देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है।