अमेठी। जिले के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है। डॉक्टर व स्टाफ बेलगाम हो गए हैं। इलाज कराने पहुंचने वालों से पैसा ऐंठने के लिए बाहर से जांच व दवा लिखने के कई मामले सामने आने के बाद अब प्रसव पीड़िताओं से उनकी हालत गंभीर बताकर रुपये लेने का मामला सामने आया है। सीएचसी अमेठी के डॉ. एसके जायसवाल ने सोमवार को तीन प्रसूताओं के परिजनों से उनकी स्थिति खराब बताकर पहले आठ-आठ हजार रुपये जमा कराया, फिर उनका ऑपरेशन किया। परिवारीजनों ने अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर ली गई राशि वापस कराते हुए उक्त चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अमेठी तहसील क्षेत्र के गांव दलशाहपुर निवासी धर्मेंद्र प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी साधना को सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे अमेठी सीएचसी ले गए। अमेठी के बेनीपुर निवासी महताब भी प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी जफरून निशा को सोमवार करीब पौने दो बजे लेकर सीएचसी अमेठी पहुंचे। सोमवार रात करीब दस बजे संग्रामपुर के खौपुर बुजुर्ग निवासी संत प्रसाद पाठक पत्नी ज्ञानमती को प्रसव पीड़ा होने पर देर रात करीब दस बजे उन्हें लेकर अमेठी सीएचसी पहुंचे।
वहां मौजूद डॉ. एसके जायसवाल ने सामान्य तरीके से प्रसव नहीं होने तथा स्थिति खराब होने की बात कहकर उपरोक्त तीनों प्रसव पीड़िताओं के परिवारीजनों से आठ-आठ हजार रुपये लेने के बाद ऑपरेशन से प्रसव कराया। दूसरे दिन महिलाओं की तबीयत ठीक होने के बाद पति संत प्रसाद ने सीएचसी अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र देकर तो जबरून निशा और साधना के परिजनों ने भी अधीक्षक से ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर एसके जायसवाल द्वारा ली गई रकम को वापस कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
बुधवार को पीड़ित के एक रिश्तेदार ने डॉक्टर से बातचीत का ऑडियो वायरल किया है। वायरल ऑडियो में आरोपी डॉक्टर कह रहा है कि बिना पैसों के कहां काम होता् है। ऑडियो में डॉक्टर ओटी में कोई सामान नहीं होने पर ऑपरेशन में लगने वाले सामान की खरीद के लिए पैसा लेने की बात कहा रहा है। सामान नहीं होने पर रेफर करने की बात पर डॉक्टर कह रहा है कि सीएमओ से पूछ लो कितना सामान ऑपरेशन के लिए दिए हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने प्रकरण संज्ञान में होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी तीन प्रकरण में उक्त चिकित्सक द्वारा पैसा लेने की शिकायत मिल चुकी है। कहा कि बुधवार को मिली शिकायत के आधार पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पूरे प्रकरण की एक रिपोर्ट सीएमओ को भेजते हुए चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।