अमेठी। 19 माह पूर्व हुई शादी के बाद से ससुरालीजनों की ओर से की जा रही दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति ने विवाहिता को जबरन तलाक दे दिया। विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई में जुट गई है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर लोनहट निवासी मोहम्मद नज्जू ने अपनी पुत्री राफिया बानों की शादी थाना क्षेत्र के ही गांव माहेमऊ निवासी असलम के पुत्र मोहम्मद मुस्लिम के साथ चार अप्रैल 2019 को की थी।
राफिया की ओर से बुधवार को जगदीशपुर थाने में दी गई तहरीर के अनुसार ससुराल जाने के बाद से ही ससुरालीजनों की ओर से एक कार व पांच लाख नगद की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालीजनों की ओर से उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
बावजूद इसके मायका पक्ष की ओर से कोई पहल नहीं होने पर राफिया को मारने पीटने के साथ ही उसे नियमित भोजन देना भी बंद कर दिया गया। इसी बीच ससुरालीजनों की ओर से शादी में मायके से मिले सभी जेवरात छीन लिया गया। इसकी शिकायत थाने पर करने के बाद पुलिस ने उसकी विदाई करा दी।
दस अगस्त को राफिया दोबारा ससुराल आई। आने के बाद से ससुराल वाले उसे भोजन नहीं दे रहे थे। आरोप है कि 20 नवंबर को इसी बात को लेकर पति, सास, ससुर, देवर व ननद ने मिलकर उससे जबरन सादे कागज पर तलाक के लिए हस्ताक्षर कराना चाहा।
मना करने पर जलाने की कोशिश की लेकिन शोर मचाने पर अन्य ग्रामीणों के आने पर वह लोग उस समय शांत हो गए। 24 नवंबर की रात आठ बजे फिर मारना पीटना शुरू कर दिए। फोन पर जानकारी मिलने के बाद पिता, भाई व बुआ उसकी ससुराल पहुंच गई।
पति ने इन लोगों के सामने उसे तलाक दे दिया। बुधवार को थाने पहुंची राफिया ने तलाक देने, जान से मारने की धमकी देने, दहेज की मांग करने आदि की तहरीर देकर केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। तहरीर मिलने के बाद पुलिस केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
सीओ मुसाफिरखाना मनोज कुमार यादव ने बताया कि दहेज की मांग को लेकर मारने पीटने तथा तलाक देने का संज्ञान ले लिया गया है। कहा कि तहरीर के अनुसार केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।