अमेठी सिटी। डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ाई की दीवानगी शहर से लेकर गांव तक देखी जा सकती है। इसके लिए लोग गांव से शहर तक का चक्कर भी लगा रहे हैं। प्रति माह 500 से दो हजार रुपये तक खर्च करने को मजबूर भी हैं। ग्रामीण युवाओं को डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा अब उनकी ग्राम पंचायत में ही मिलेगी। इसके लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से 90 ग्राम पंचायतों में कुल 3.6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पंचायतीराज विभाग की ओर से गांव में पुस्तकालय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में 90 ग्राम पंचायतों का चयन कर वहां के युवाओं को डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा दी जाएगी। इससे करीब साढ़े तीन लाख युवाओं को लाभ मिलेगा। डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि इससे पहले जिले के 145 ग्राम पंचायतों में सामान्य पुस्तकालयों का निर्माण कराया गया है। यहां जिलाधिकारी निशा अनंत की ओर से किताबें भी भेजी गई हैं, जहां युवा बैठकर पढ़ाई भी कर रहे हैं।
फिलहाल युवा सामान्य पुस्तकालय के बजाय डिजिटल लाइब्रेरी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि बाजार के चौराहों से लेकर शहर तक डिजिटल लाइब्रेरी तेजी से खुल रही हैं। यहां युवाओं को शांत माहौल में बैठकर पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। इसी सुविधा को ग्राम पंचायत के अंदर पहुंचाने के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है।
एक डिजिटल लाइब्रेरी में खर्च होंगे चार लाख रुपये
पंचायतीराज विभाग की ओर से ऐसी ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जहां पंचायत भवन में करीब चार कमरे मौजूद हैं। उसी में से एक कमरा पुस्तकालय के लिए होगा। एक डिजिटल लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट से युवाओं के बैठने के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर सिस्टम, निशुल्क इंटरनेट सुविधा, दो टैबलेट, साफ पेयजल, शौचालय आदि की सुविधा दी जाएगी। लाइब्रेरी में कुछ आवश्यक पुस्तकें व अखबार पढ़ने की सुविधा भी रहेगी, जिससे लोगों को शांत वातावरण में पढ़ाई के लिए शहर जाकर जेब ढीली न करनी पड़े।
जिले की 90 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसके लिए चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिससे युवाओं को अत्याधुनिक तरीके से पढ़ाई के लिए गांव में ही सुविधा मिल सके।
-मनोज कुमार त्यागी, डीपीआरओ, अमेठी