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भूसा भंडारण न होने पर ग्राम प्रधान व एडीओ पंचायत पर केस

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गौरीगंज (अमेठी)। गो-आश्रय केंद्रों का शुक्रवार सुबह एक साथ निरीक्षण व जांच रिपोर्ट मिलने के बाद देर शाम हुई समीक्षा के बाद डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम ने भूसा भंडारण कम मिलने पर चंडेरिया गांव के प्रधान व एडीओ पंचायत के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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आश्रय केंद्र पर मिली कमियों पर सीवीओ समेत चार पशु चिकित्सक व दो बीडीओ से जवाब-तलब तो समीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहने पर तीन पशु चिकित्सकों का एक दिन का वेतन बाधित कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गो-वंश संरक्षण पर जिले में बरती जा रही लापरवाही पर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम ने शुक्रवार सुबह गो-आश्रय केंद्रों में मौजूद सुविधाओं की जांच कराई। जांच में लगाए गए अफसरों को जांच रिपोर्ट के साथ देर शाम समीक्षा बैठक में बुलाया गया।
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जांच रिपोर्ट व समीक्षा के दौरान गो-आश्रय केंद्रों में तमाम खामियां मिलीं। संग्रामपुर ब्लॉक के गांव चंडेरिया में निरीक्षण करके लौटे जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच के दौरान गो-आश्रय स्थल पर 24 गोवंश संरक्षित मिले। यहां भूसा महज 50 किलोग्राम ही मिला।
पांडेय ने कहा कि गोवंशों को देखकर ऐसा लगा कि उन्हें भरपेट भूसा/चारा नहीं दिया जा रहा है। इतना सुनते ही डीएम नाराज हो गए। डीएम ने पशु चिकित्सक डॉ. मेहर सिंह को चंडेरिया के ग्राम प्रधान तुफैल खान व एडीओ पंचायत दीनदयाल दुबे के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त गो-आश्रय स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में चारे/भूसे की उपलब्धता नहीं सुनिश्चित करने तथा पशुओं के स्वास्थ्य की देखरेख व विभागीय दायित्व में लापरवाही बरतने पर बीडीओ भेटुआ संजय शुक्ल, बीडीओ भादर साबिर अली तथा उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लाल रत्नाकर सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम शिरोमणि, डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. संतोष कुमार से जवाब-तलब करने का निर्देश भी डीएम ने संबंधित विभागाध्यक्षों को दिया।
गोवंश संरक्षण में लापरवाही के साथ अधीनस्थ कर्मचारियों पर समुचित नियंत्रण नहीं रख पाने, सौंपे गये दायित्वों में शिथिलता बरतने तथा पशुओं की सही जियो टैगिंग नहीं करवाने तथा अन्य विभागीय दायित्व में लापरवाही बरतने पर सीवीओ जेपी सिंह को भी डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने के साथ व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया।
इतना ही नहीं डीएम ने समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने पर डॉ. अंबर मिश्र, डॉ. अजीत गुप्ता तथा डॉ. एमके वर्मा का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही जवाब प्राप्त करने का निर्देश भी दिया। डीएम ने नोडल अफसर को गोआश्रय स्थलों पर मौजूद गोवंशों के सापेक्ष भूसा/चारा, पानी की व्यवस्था, छांव व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ ही गोवंश का नियमित परीक्षण करते हुए भरण-पोषण करने को कहा। डीएम ने कहा कि गोवंश संरक्षण में जो भी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। डीएम की कार्रवाई से जिम्मेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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