कमरौली (अमेठी)। क्षेत्र के नियावां गांव में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन शनिवार को प्रवाचक मनीष तिवारी महाराज ने श्रीराम के आदर्शों के बारे में बताया।
उन्होंंने कहा कि सत्संग मानव जीवन का सर्वोत्तम सद्मार्ग है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने से ही मानव का कल्याण संभव है। सच्चे मन से जो भी उनका सुमिरन करता है, वह हर संकट से मुक्त हो जाता है। जिस भाव से भक्ति की जाती है, भगवान उसी आधार पर उसे फल प्रदान करते हैं।
प्रवाचक ने सीता-राम विवाह के प्रसंग की कथा सुनाई। कहा कि पूजा में भाव की महत्ता होती है, प्रभु भक्त के भाव को देखते हैं। यदि हम राम को पाना चाहते हैं तो वे हमें अनुराग से प्राप्त होंगे। प्रभु की छवि को ही मन में बसाना होगा। एक बार छवि मन में बस गई तो राम सब जगह दिखेंगे। इस मौके पर संजय पांडेय, दीपक पाण्डेय व समस्त क्षेत्रीय भक्तगण मौजूद रहे।