गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना को पारदर्शी बनाने के लिए शासन के निर्देश पर हुई जांच में बड़े पैमाने में अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया है।
जांच के दौरान पहले चरण में अपात्र मिले 19 किसानों से वसूली कराने के बाद विभाग दूसरे चरण में मिले 6,672 अपात्र किसानों से अनुदान राशि वसूली कराने की कवायद में जुटा है।
जांच के बाद पात्र 2.60 लाख किसानों के खाते में अनुदान राशि अंतरित करने के साथ ही पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने की कोशिश में कृषि विभाग जुटा है।
किसानों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना शुरू की थी। योजना के तहत तीन चरणों में किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये का अनुदान उनके बैंक खाते में अंतरित किया जाता है।
योजना में बड़ी संख्या में अपात्रों के लाभान्वित होने के सूचना बाद शासन ने जांच कराई तो पहले चरण में 19 किसान जिले में अपात्र मिले। अपात्र किसानों से अंतरित की गई 72 हजार रुपये की रिकवरी कराने के लिए भारत सरकार के खाते में चालान के माध्यम से जमा करवा दी गई है।
इस दौरान दूसरे चरण की जांच में पैन के माध्यम से आयकर जमा करने वालों के साथ मृतक व फर्जी खातों में भुगतान प्राप्त करने वाले 6,672 और किसानों को विभाग ने चिह्नित किया है। चिह्नित किसानों को नोटिस जारी कर पात्रता का परीक्षण करने के साथ ही अपात्रों से अनुदान राशि रिकवरी की कवायद कृषि विभाग ने शुरू कर दी है।
अपात्रों के चिन्हित होने के बाद विभाग पात्र 2,60,442 किसानों के खातों में अनुदान की दूसरी किश्त निर्गत करने की तैयारियां पूरी करने में जुटा है। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि दूसरे चरण में प्रथम दृष्टया अपात्र मिले 6,672 किसानों के जवाब का परीक्षण व अन्य पात्रता नियमों का परीक्षण किया जा रहा है।
परीक्षण में योजना की पात्रता नहीं पूरा करने वालों से रिकवरी कर अनुदान राशि भारत सरकार के खाते में चालान के माध्यम से जमा कराई जाएगी। कृषि अधिकारी ने आयकरदाता किसानों से स्वयं सूचना देकर स्वयं को योजना से वंचित कर अनुदान राशि जमा करने की अपील करते हुए जांच के दौरान अपात्र मिलने पर रिकवरी के साथ अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।