गौरीगंज (संवाद)। आगामी दो अक्टूबर से जिले के 642 पंचायत भवन मिनी सचिवालय के रूप में क्रियाशील हो जाएंगे। तकरीबन स्थलों पर ऑप्टिकल केबल की लाइन पहुंच गई है। भवन पर पंचायत सहायक व बीसी सखी मौजूद रहकर ग्रामीणों को संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थी फीडिंग व बैंकिंग का कार्य करेंगे।
ग्रामीणों को अब शासन से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के लिए जिला, तहसील व ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। शासन के निर्देश पर गांव स्तर पर ग्राम सचिवालय संचालित करने की तकरीबन तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
हाल ही में जिले की सभी 682 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय संचालित कराने के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। 127 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूह से बीसी सखी का चयन कर दिया गया है।
ग्राम स्तर पर इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने के लिए बीएसएनएल की ओर से ऑप्टिकल केबल लगाने की काम भी अंतिम चरण में है। तकरीबन 400 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय तक केबल बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल केबल पहुंचाने के लिए दिसंबर की डेडलाइन तय की गई है। मिनी सचिवालय संचालित होने से ग्रामीणों को अब संचालित योजनाओं तथा गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी के लिए जिला, तहसील व ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
संचालित होंगे यह कार्य
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि दो अक्टूबर से सभी मिनी सचिवालय पर मस्टर रोल जारी करने तथा लाभार्थियों की फीडिंग का कार्य किया जाएगा। ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले कार्यों की ऑनलाइन कार्य योजना बनाने, पंचायत में हो रहे व पूरा हुए कार्यों को अपलोड करने आदि का काम होगा।
मिनी सचिवालय संचालित करने के लिए वहां पर सभी संसाधनों की खरीद ग्राम पंचायत की ओर से की जाएगी। ऐसे सभी सामानों की सूची निर्धारित दर के अनुसार मुहैया करा दी गई है। बताया कि जिले की 682 ग्राम पंचायतों में से 488 में पहले से तो 154 में नये पंचायत भवन बनकर तैयार हो गए हैं। संबंधित बीडीओ को दो अक्टूबर से मिनी सचिवालय संचालित कराने के लिए सभी तैयारियां नियत समय से पूर्व पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
घर पर मिलेगी बैंकिंग सुविधा
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि 127 बीसी सखी की तैनाती करते हुए उन्हें एनआरएलएम के सहयोग से शासन द्वारा 75 हजार रुपये मुहैया करा दिए गए हैं। इस राशि से सभी बीसी सखी 31 हजार रुपये की डिवाइस क्रय कर ली है। शेष राशि बैंकिंग संचालन के लिए उनके वॉलेट में मौजूद रहेंगे।
बीसी सखी घर-घर जाकर ग्रामीणों का बीओबी बैंक की शाखा में नया खाता खोलने तथा दस हजार रुपये तक का लेनदेन करने का काम करेंगी। इससे अब ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार लेनदेन के लिए बैंक तक नहीं जाना होगा। उन्हें उनके गांव में ही बैंकिंग की भी सुविधा मिलेगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि शासन से संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी के साथ अन्य सुविधाएं गांव में ही मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि अब मिनी सचिवालय में तकरीबन सुविधा ग्रामीणों को गांव में ही दो अक्टूबर से मिलेगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही उजागर होने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।