गौरीगंज (अमेठी)। जिले में नियमों की अनदेखी करके योजनाओं का लाभ लेने वालों की कमी नहीं है। पूर्ति विभाग में 998 फर्जी गरीब के अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी 6,672 अपात्र किसान लाभ लेकर कृषि विभाग को चूना लगा रहे हैं।
किसानों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना के अंतर्गत किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार हर तिमाही दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में से 2,89,737 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है।
तीन दिन पहले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत 998 लोगों द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों पर 44 करोड़ रुपये से अधिक का गेहूं/धान बेचने का मामला सामने आया था। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सम्मान निधि में धांधली का मामला सामने आ गया।
शासन स्तर पर रिटर्न दाखिल करने वालों की सूची आधार व बैंक डिटेल से मिलाई गई तो पता चला कि 2,734 आयकर दाता भी सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। वहीं पांच मृतक व 3,698 किसानों के गलत खाते में भुगतान हो रहा है। 192 इनवैलिड आधार तथा 44 अन्य कारणों से अपात्रों के लाभान्वित होने की बात भी सामने आई। योजना में कुल 6,672 अपात्रों के लाभान्वित होने की बात पता चलने पर कृषि विभाग में हड़कंप है। विभाग ने सूची में शामिल किसानों से रिकवरी करने की कोशिश शुरू कर दी है।
19 किसानों से हो चुकी रिकवरी
कृषि विभाग ने फरवरी माह में योजना के पात्रता की जांच हुई तो 19 अपात्र किसानों को चिह्नित किया था। इन किसानों से चालान के माध्यम से विभाग के खाते में 72 हजार रुपये जमा कराया था।
किसानों से स्वयं धनराशि जमा करने की अपील
कृषि विभाग ने चिह्नित के साथ अन्य अपात्र किसानों से स्वयं विभाग को जानकारी देने की अपील की है। विभाग ने किसानों से योजना में मिली धनराशि स्वयं विभाग के खाता संख्या 40279688625 में जमा करते हुए रसीद जमा करने को कहा है। विभाग ने स्वयं जमा नहीं करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।
निर्गत राशि की होगी रिकवरी
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि विभागीय जांच के साथ शासन से मिली सूची के अनुसार जिले में 6,672 अपात्रों के किसान सम्मान निधि से लाभान्वित होने की पुष्टि हुई। अपात्र किसानों को नोटिस जारी कर स्वयं अनुदान राशि जमा करने को कहा गया है। इसके बावजूद अनुदान राशि खुद जमा नहीं करने वालों के खिलाफ भू-राजस्व वसूली के तहत आरसी जारी कर वसूली कराई जाएगी।