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दो प्रांतों में राशन ले रहे जिले के 16231 उपभोक्ता

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गौरीगंज (अमेठी)। पात्रता की सभी शर्तों को धता बताकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सस्ता राशन लेने वालों द्वारा की जा रही गड़बड़ी एक-एक कर सामने आ रही है। आधार नंबर लिंकअप होने के बाद जिले में 998 अमीर कार्डधारक पकड़ में आने के बाद एक और चौंकाने वाले मामला सामने आया है। इस बार केंद्रीय भंडारण प्रणाली ने जिले में 16231 ऐसे उपभोक्ताओं को पकड़ा है जो जिले के अलावा दूसरे प्रांत में भी सस्ता या कोरोना काल में निशुल्क राशन ले रहे हैं।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत नियमित राशन देने के साथ ही कोविड संक्रमण काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से गरीब परिवार को निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। नियमित व निशुल्क राशन लेने के लिए उपभोक्ता फर्जीवाड़ा कर राशन कार्ड तैयार कराने में कोई चूक नहीं छोड़ रहे हैं।
पिछले दिनों सॉफ्टवेयर ने जिले के 998 ऐसे कार्डधारकों को पकड़ा था जिन्होंने सरकार को ही तीन से 13 लाख रुपये तक का धान-गेहूं बेचकर भुगतान लिया था। यह मामला अभी गरम था इसी बीच केंद्रीय भंडारण प्रणाली ने जिले में 16231 ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया है जो जिले में राशन लेने के साथ ही दूसरे प्रांत में भी राशन ले रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के दो प्रांत के दो अलग-अलग स्थान पर राशन लेने की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद पूर्ति विभाग में हड़कंप मचा है।
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जांच के लिए गठित हुई टीम
मामला पकड़ में आने के बाद डीएम अरुण कुमार ने गहन जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर पूर्ति विभाग ने अंतर्राज्यीय डी-डुप्लीकेसी राशन कार्ड उपभोक्ताओं का सत्यापन करने के लिए टीम गठित की है। गठित टीम जांच के बाद डुप्लीकेट/बोगस राशन कार्ड निरस्त कर राशन की रिकवरी करने की संस्तुति करेगी। डीएम ने गठित टीम को सत्यापन की कार्रवाई 15 दिन में पूरी करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है।
ब्लॉकवार डुप्लीकेट राशन कार्ड
गौरीगंज। केंद्रीय भंडारण प्रणाली में की ओर से जिन 16231 उपभोक्ताओं को दो स्थानों पर राशन लेते पकड़ा है उनमें सर्वाधिक 1997 जगदीशपुर के हैं। इसी तरह अमेठी ब्लॉक के 1629, बहादुरपुर ब्लॉक के 401, भादर के 1468, भेटुआ के 924, गौरीगंज के 1554, जगदीशपुर के 1997, जायस के 95, जामो में 1192, मुसाफिरखाना के 1448, संग्रामपुर के 1173, शाहगढ़ के 854, शुकुल बाजार के 1169, सिंहपुर के 1386, तिलोई के 847, अमेठी टाउन के 66 व मुसाफिरखाना टाउन के 28 उपभोक्ता दो प्रांतों में राशन ले रहे हैं।
चिह्नित उपभोक्ताओं में दोनों श्रेणी के उपभोक्ता
जिन 16231 उपभोक्ताओं को दो प्रांतों में राशन लेने के मामले में चिह्नित किया गया है उनमें 1667 अंत्योदय तो 14564 पात्र गृहस्थी योजना के राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से तकरीबन सभी उपभोक्ता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कोटे की दुकान से नियमित राशन ले रहे हैं।
664 कोटे की दुकानों से वितरित हो रहा राशन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत भूमिहीन, बेसहारा व अति गरीबों को भोजन की परेशानी से बचाने के लिए प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। इसी तरह तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोगों को पात्र गृहस्थी कार्ड के माध्यम से प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन वितरित किया जाता है। जिले में 70378 अंत्योदय व 2,82,229 पात्र गृहस्थी उपभोक्ताओं को 664 कोटे की दुकान से सरकारी रेट व कोविड काल में निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
डीएओ संजय कुमार ने बताया कि केंद्रीय भंडारण प्रणाली में पकड़े गए 16231 उपभोक्ताओं की जांच जल्द शुरू होगी। जांच के दौरान यदि लाभार्थी मौके पर निवास करता मिलेगा तो उसे दूसरे प्रांत में लगे आधार की जानकारी देते हुए पूछा जाएगा कि वह कहां से राशन लेना चाहता है। यदि वह यहां से राशन लेना चाहेगा तो दूसरे प्रांत का कार्ड निरस्त कर वहां अब तक लिए गए राशन की रिकवरी करने की संस्तुति भेजी जाएगी। टीम को प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करना होगा कि किन परिस्थितियों में दो स्थानों पर राशन कार्ड बना है।
कार्ड निरस्त कर होगी रिकवरी
डीएसओ संजय कुमार ने बताया कि चिह्नित 16231 उपभोक्ताओं की सूची मिली है। उपभोक्ताओं की जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, तहसीलदार की संयुक्त टीम से कराई जा रही है। जांच के बाद दो स्थानों से फर्जी ढंग से राशन कार्ड तैयार कर राशन लेने वालों का कार्ड निरस्त करते हुए उनसे एक स्थान पर अब तक लिए गए राशन की रिकवरी कराई जाएगी।
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