अमेठी सिटी। अप्रैल माह बीतने को है, और भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। जिले में सूखे पड़े तालाब पोखरों में पानी भरवाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। आंकड़ों के मुताबिक, 1400 तालाबों में पानी सूख गए हैं। पानी के तलाश में पशु पक्षी बेहाल हैं। इन तालाबों में पानी भरवाने के लिए चार विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
गर्मी के साथ ही तेज लू चलने से लोग बेहाल है। जलस्रोत बदहाल होने से पशु-पक्षियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जिले के सूखे तालाबों को भरवाने के लिए पंचायतीराज विभाग के नेतृत्व में अभियान शुरू किया जा रहा है। जिसमें जल निगम, सिंचाई विभाग, नलकूप विभाग और पंचायतीराज को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सिंचाई विभाग को मिले 900 तालाब
अमेठी सिटी। सूखे तालाबों को भरने के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। जिसमें कुल 900 तालाबों का लक्ष्य दिया गया है।
नलकूप विभाग को 70 तालाब, 385 तालाबों की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है। वहीं अन्य बचे हुए तालाब को भरने का कार्य पंचायती राज विभाग की ओर से किया जाएगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि डीपीआरओ के सहयोग से तालाब भरने का कार्य किया जाना है। जल निगम के कर्मचारियों को कहा गया है कि पंप के माध्यम से आसपास के सूखे तालाबों को भरा जाए।
विभागों के सहयोग से होगा काम
जिले के करीब 1400 सूखे तालाबों में पानी भरने का कार्य सभी विभागों के सहयोग से किया जाएगा। इसमें ऐसे तालाबों में पानी भरा जाना है, जहां नाली का गंदा पानी नहीं जाता है। जिससे इस साफ पानी का उपयोग जानवरों के पीने के लिए किया जा सके। सभी विभागों को इसकी जिम्मेदारी बांट दी गई है।
-मनोज कुमार त्यागी, जिला पंचायतीराज अधिकारी, अमेठी।