गौरीगंज (अमेठी)। जिले के 1,943 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले पुष्टाहार की आपूर्ति अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। इसके लिए जिले में चार उत्पादन इकाई गठित कर दी गई है। एक इकाई के संचालन पर 90 लाख रुपये की लागत आएगी। प्रति माह एक इकाई का 60 लाख रुपये का टर्नओवर होगा।
समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजागर मुहैया कराने के लिए सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने जिले में बड़ी पहल शुरू कराई है। जिले के 1,943 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले पुष्टाहार की आपूर्ति अब समूह की महिलाएं करेंगी। जिले में चार उत्पादन इकाई का गठन कर दिया गया है। सभी स्थलों पर उत्पादन इकाई भवन का निर्माण कार्य भी अंतिम दौर में हैं। एक इकाई के संचालन में 90 लाख रुपये का खर्च आ रहा है।
इस हिसाब से चार इकाई का संचालन तीन करोड़ 60 लाख की लागत से शुरू होगा। एक इकाई में 300 महिला स्वयं सहायता समूह जोड़े जा चुके हैं। उत्पादन इकाई में शामिल सभी समूहों से उनके क्लस्टर लेबल फेडरेशन (पीएलएफ) खाते में गारंटी राशि के रूप में 30 हजार रुपये जमा कराए जा रहे हैं। सृजन होने के बाद प्रत्येक इकाई पर एक दिन में 2.5 मीट्रिक टन पुष्टाहार का उत्पादन कर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जाएगी। उत्पादन शुरू होने के बाद एक इकाई का माह में 60 लाख रुपये का टर्नओवर होगा। उत्पादन इकाई जिले के गौरीगंज, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना व बाजार शुकुल में स्थापित की जा रही हैं। इनमें से गौरीगंज को छोड़ सभी पर भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अब यहां पर विद्युत संयोजन समेत अन्य कार्य चल रहे हैं। सीडीओ ने उत्पादन इकाइयों का संचालन कराने के लिए माह दिसंबर का लक्ष्य रखा है।
प्रत्येक यूनिट पर 20 महिलाओं को रोजगार
सीडीओ ने बताया कि प्रत्येक यूनिट पर 20 महिलाएं पैकिंग समेत अन्य कार्य करेंगी। इन्हें प्रति माह सात हजार रुपये मानदेय के रूप में शासन द्वारा दिया जाएगा। इसके अलावा पुष्टाहार उत्पादन तथा बिक्री के बाद होने वाला मुनाफा इकाई के सभी समूह बराबर-बराबर आपस में बांट लेंगे।
अनुबंध पत्र पर हो गया हस्ताक्षर
उत्पादन इकाई संचालन के लिए समूहों द्वारा 30 नवंबर को ही अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया गया है। इकाई में शामिल समूह द्वारा विकास विभाग तथा एनआरएलएम के अफसरों के साथ बैठक कर अपनी सहमति जताते हुए एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद अफसर संचालन कराने की कवायद में जुटे हैं।
महिलाओं को आत्म निर्भर बनाना लक्ष्य : सीडीओ
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि शासन से संचालित योजनाओं के जरिए जिले की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्म निर्भर बनाना उनका लक्ष्य है। कहा कि इसके लिए गठित/सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को टारगेट किया गया है। इससे पूर्व भी जिले के कई समूह की महिलाओं को लद्यु उद्याोग स्थापित कराकर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। पुष्टाहार उत्पादन बड़ा व्यवसाय है। इससे अब समूह महिलाओं को बड़े स्तर पर घर बैठे रोजगार मिल सकेगा।