गौरीगंज (अमेठी)। अप्रैल माह में किसान सम्मान निधि का इंतजार कर रहे किसानों को आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त का तोहफा मिलेगा। ई-केवाईसी पूरी करा चुके 1.60 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम से निधि अंतरण का शुभारंभ करेंगे। अंतरण का शुभारंभ होते ही किसानों के खाते में दो हजार रुपये पहुंच जाएंगे।
किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किसान सम्मान योजना शुरू की थी। योजना से किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार एक वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में 37,064 अपात्र मिलने के बाद पात्र पंजीकृत किसानों में से 2,93,255 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।
इसी बीच योजना में अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया तो जांच कराई गई। जांच में 2731 आयकर दाता के सम्मान निधि का लाभ लेने के साथ ही 542 मृतक व 1189 अन्य कारणों से अपात्रों के लाभान्वित होने का मामला प्रकाश में आया। दिसंबर माह में योजना की 10वीं में किस्त निर्गत करने के बाद अपात्रों से रिकवरी की कवायद तेज करते हुए पात्रों को अगली किस्त के भुगतान की संस्तुति विभाग ने की थी।
विभाग की संस्तुति पर नए वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली किस्त किसानों के खाते में दो हजार रुपये अंतरित होनी है। योजना के तहत ई-केवाईसी अनिवार्य होने के बाद जिले में अब तक 1,63,096 किसानों की ही ई-केवाईसी हुई है। जिन किसानों की ई-केवाईसी हो चुकी है उन्हेें मंगलवार को दो हजार रुपये की आर्थिक तोहफा मिलेगी।
शिमला में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाभार्थियों से वर्चुअल विधि से संवाद करने के बाद 11 वीं किस्त के अंतरण का शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ के बाद 1,63,096 किसानों के खाते में 11 किस्त के रूप में दो हजार रुपये अंतरित होंगे। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 1,19,628 किसानों को निधि की राशि से वंचित होना पड़ेगा।
पात्रों को लाभ दिलाने का प्रयास
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि योजना के तहत पात्र शत-प्रतिशत किसानों को लाभ मिल सके इसके लिए लगातार पात्र किसानों के डाटा में सुधार की कार्रवाई की जा रही है। योजना में 68 प्रतिशत किसानों की ई-केवाईसी हो चुकी है। 42 प्रतिशत किसानों की केवाईसी नहीं हुई। योजना के तहत ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले किसानों से कृषि अधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि वे अपने स्मार्ट फोन या जनसेवा केंद्र के माध्यम से अपनी ई-केवाईसी पूर्ण करा लें ताकि उनको योजना का लाभ मिल सके।