हजपुरा के मछली गांव में तमसा नदी के तट पर बन रहा श्मशान घाट
हजपुरा (अंबेडकरनगर)। सम्मनपुर क्षेत्र के मछलीगांव स्थित तमसा नदी के किनारे 18 लाख रुपये की लागत से बन रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। दीवारों की चुनाई में घटिया ईंटों और सफेद बालू के प्रयोग ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौके पर जाकर देखने पर साफ दिखाई देता है कि कई स्थानों पर दीवारों की झिर्रियों में मसाला ठीक से भरा ही नहीं गया है, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की बात सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की निगरानी भी बेहद कमजोर है। इस विषय में जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार से सफेद बालू के इस्तेमाल को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इतना तो लगता ही है।
ये होने हैं कार्य
ग्राम पंचायत मछलीगांव के अंत्येष्टि स्थल के लिए प्रस्तावित संरचना में शांति स्थल बैठका (9 गुणा 6 मीटर), एक कमरा (6 गुणा 3.5 मीटर), शवदाह स्थल (12 गुणा 6 मीटर), दो शौचालय, लकड़ी रखने का कमरा, स्नान गृह, एक हैंडपंप और 100 मीटर लंबा इंटरलॉकिंग मार्ग शामिल है।
कार्य संतोषजनक रहा
वर्क ऑर्डर के अनुसार चुनाई कार्य में सफेद बालू का उपयोग अनुमन्य है। निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता की जांच की गई है। उपलब्ध मानकों के अनुरूप पाए जाने पर इसे संतोषजनक माना गया है।
- उपेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत सचिव