अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव में मतदान के जरिए पुरुषों को जिले में काफी पीछे छोड़ने वाली महिलाओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी कर्मठता से सफलता का परचम लहराया है। वे समाज के लिए नया आदर्श स्थापित कर रही हैं। अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ जब तब मानवता की सेवा करने में भी ऐसी महिलाएं पीछे नहीं रहतीं। संवेदना के उच्च स्तर तक पहुंचने की तरफ अग्रसर ऐसी महिलाएं दरअसल दुखी व पीड़ित मानव की सेवा को अपना धर्म समझती हैं तो वहीं परिवार व समाज की प्रगति के लिए वे पुरुषों के मुकाबले कदम से कदम आगे बढ़ाकर चलने को तैयार रहती हैं। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ऐसी महिलाओं से बातचीत की गई। महिलाओं को संदेश देने तथा उनमें ऊर्जा का संचार करने के लिए इन महिलाओं ने प्रमुखता से अपने विचार प्रकट किए।
आत्मविश्वास मजबूत कर बढ़ें आगे
अकबरपुर नगर में महिलाओं के वस्त्रों से संबंधित प्रसिद्ध शोरूम जलसा की मैनेजिंग डायरेक्टर शिंजनी सोनी घर परिवार संभालने के साथ ही शोरूम की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाती हैं। जिला मुख्यालय पर खास तरह के पहले शोरूम की स्थापना कराने वाली शिंजनी कहती हैं कि महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा जरूरी उनका आत्मविश्वास है। उनमें आत्मविश्वास मजबूत होगा तो वे हर सकारात्मक कार्य के लिए न सिर्फ अपने परिवार को किसी नए व बड़े कार्य के लिए राजी कर सकती हैं वरन उस राह पर चलकर सफलताएं भी अर्जित कर सकती हैं। महिलाओं के लिए शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। शिक्षित न होने के चलते भी महिलाओं को कई मोर्चों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
शिक्षा पर ध्यान देकर रोशन करें नाम
राजेसुल्तानपुर की रहने वाली मंजूलता शुक्ला बतौर चार्टर्ड अकाउंटेंट देश के विभिन्न क्षेेेत्रों में अपनी योग्यता के बूते परचम लहरा रही हैं। कोलकाता को अपना केंद्र बनाने वाली मंजू अपने घर व जिले से बेहद लगाव रखती हैं। महिलाओं के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली मंजूलता का कहना है कि महिलाओं व पुरुषों में कोई भेदभाव होने की जरूरत नहीं। सभी को समान अवसर और बढ़ाने होंगे। महिला व पुरुष की बात किए बगैर हमें शुरू से ही यह देखना होगा कि सभी के लिए बेहतर अवसर मुहैया हों। आज प्रगति का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाओं का नाम न हो। देश की प्रगति में महिलाएं बराबर का योगदान दे रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को शिक्षा पर ध्यान देते हुए खुद का व परिवार समेत समाज का नाम रोशन करना है।
खुद से लड़कर आगे बढ़ें महिलाएं
पुलिस मीडिया सेल की जिला प्रभारी देविका सिंह महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। वे न सिर्फ मीडिया सेल की जिम्मेदारी निभा रही हैं वरन पुलिस कार्यालय के कई महत्वपूर्ण कार्यों का जिम्मा भी संभाल लेती हैं। कई महिलाओं व बच्चों की मदद कर उनका नाम संवेदनशीलता में आगे आ चुका है। वे कहती हैं कि महिलाओं को अपने हक के लिए पहले खुद से लड़ना होगा। यह समझना होगा कि आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए वे स्वयं सशक्त हैं। आत्मसम्मान के विकास में अपनी अंदरूनी शक्ति को प्रभावशाली विचारों से मजबूत बनाना है। लैंगिक भेदभाव के लिए जहां पुरुषों को सोच में और बदलाव की जरूरत है, वहीं महिलाओं को भी इस बारे में खुद को सशक्त करना है। उन्हें यह दिखाना है कि समाज की बेहतरी तय करने में वे भी कहीं से कमजोर व कम नहीं हैं।
ज्यादा सोचने की बजाय आगे बढ़ने पर करें फोकस
सामाजिक क्षेत्र में लगातार प्रभावी भूमिका निभाने वाली संध्या राजभर कहती हैं कि महिलाओं की प्रगति तभी ज्यादा बेहतर ढंग से होगी, जब महिलाएं खुद इसके लिए गंभीर होंगी। शिक्षा की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या है। कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए अपने बाल तक मुड़वा देने वाली संध्या ने कहा कि महिलाओं में योग्यता की कोई कमी नहीं है। मजबूत इच्छाशक्ति करने की जरूरत है। इसके बूते ही महिलाएं और भी बेहतर ढंग से प्रगति तय कर सकती हैं। ज्यादा सोचने में समय बर्बाद करने की बजाय महिलाओं को आगे बढ़ने पर फोकस करना चाहिए। वे सफल होंगी तो बहुत सारे लोग उनके साथ खड़े दिखेंगे।