इससे निकटवर्ती गावों के ग्रामीणों को राहत अवश्य मिली है, लेकिन कटान की आशंका बढ़ गई है। बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.64 सेमी कम दर्ज किया गया।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से सरयू नदी के जलस्तर में प्रति घंटा एक सेमी की वृद्धि हो रही थी। इससे तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण दहशत में आ गए थे। जिस तेजी से जलस्तर में वृद्धि हो रही थी, उसे देखते हुए माझा क्षेत्रों के गावों में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई थी।
सबसे अधिक चिंता माझा उलटहवा गांव के ग्रामीणों को थी। यह गांव तीन तरफ से सरयू नदी के पानी से घिरा हुआ है। मंगलवार को जलस्तर बढने से बाढ़ का पानी माझा उलटहवा गांव के निकट पहुंच गया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया था। इस बीच बुधवार पूर्वाह्न से जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बुधवार को नदी का जलस्तर 92.010 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.64 सेमी नीचे है। जलस्तर गिरने से निकटवर्ती गावों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि जलस्तर के गिरने से कटान की आशंका बढ़ गई है।
उधर एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी आई है।