जलालपुर। भियांव विकासखंड का एक परिषदीय विद्यालय बरसात व तालाब के पानी से इस तरह से घिर गया है कि स्कूल में पढ़ाई ही ठप हो गई है। स्कूल परिसर में पानी भर जाने से शिक्षक-शिक्षिकाओं को अब गांव के बाहर एक ग्रामीण के घर के सामने खुली छत के नीचे बच्चों को शिक्षा देनी पड़ रही है। इस दौरान बारिश होने पर बच्चों समेत शिक्षकों को भागकर आसपास के घरों में शरण लेनी पड़ती है। परिषदीय विद्यालयों में जलभराव का संकट जिले के लगभग दो दर्जन स्कूलों में है। वहां जैसे-तैसे पढ़ाई की जा रही है। लेकिन भियांव के इस विद्यालय तक पहुंच पाना बच्चों व शिक्षकों दोनों के लिए असंभव हो गया है।
बेसिक शिक्षा की दशा में सुधार के लिए की जा रही तमाम कोशिशों के बावजूद हालात अभी भी कई जगह अत्यंत बदतर व चिंताजनक हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक स्कूल ऐेसे हैं, जहां जलभराव का संकट है। ग्राम पंचायतों से लेकर क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत समेत कई अन्य प्रकार की निधि में राज्य सरकार द्वारा लगातार रकम भेजे जाने के बावजूद संबंधित विद्यालयों में जल निकासी के समुचित प्रबंध नहीं हो पा रहे। विद्यालय जाने वाले मार्ग को ऊंचा किए जाने के साथ ही विद्यालय परिसर में मिट्टी पटाई आदि का कार्य नहीं हो पा रहा।
नतीजा यह है कि इस बरसात में छात्र-छात्राओं की मुश्किलें ज्यादा बढ़ गई हैं। भियांव शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बिलारी में इस कदर जलभराव हो गया है कि वहां पढ़ाई ही ठप पड़ गई है। दरअसल विद्यालय के बगल ही एक तालाब स्थित है। पिछले कुछ दिनों से लेकर इन दिनों हो रही बरसात के चलते तालाब लबालब भर गया है। विद्यालय के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा है। दरअसल खेतों से निकलकर के भी पानी तालाब तक पहुंच गया। तालाब भर जाने के बाद अब पानी बाहर निकलकर इधर-उधर फैल रहा है। प्राथमिक विद्यालय पानी से इस कदर घिर गया है कि सुरक्षित ढंग से विद्यालय पहुंच पाना संभव नहीं रह गया।
इसी बीच बीते दिनों राज्य सरकार ने जब प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोले जाने व पढ़ाई किए जाने का निर्देश दिया तो शिक्षकों व छात्र-छात्राओं के समक्ष संकट खड़ा हो गया। इसके चलते विद्यालय में पढ़ाई ठप हो गई। शिक्षकों ने तय किया कि छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में डालना उचित नहीं है। विचार विमर्श कर शिक्षकों ने तय किया कि पढ़ाई रोकने की बजाय बच्चों को स्कूल के बाहर शिक्षा दी जाएगी। प्रभारी प्रधानाध्यापक किरन यादव व सहायक अध्यापक अंकिता पाण्डेय ने बच्चों की पढ़ाई को लेकर जज्बा दिखाते हुए गांव निवासी जगराम के घर के बाहर खाली पड़े स्थान पर बच्चों को शिक्षा देना तय किया। इसके बाद वहां खुले मैदान के नीचे पॉलिथीन बिछाकर बच्चों की पढ़ाई शुरू करा दी गई। कक्षा पांच तक के छात्र प्रतिदिन वहां पहुंचकर खुले मैदान के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें एमडीएम के तहत तहरी मिली थी।
बारिश होने पर लगानी पड़ती दौड़
विद्यालय में पानी भरा होने के चलते छात्र-छात्राओं को भले ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांव में खुले मैदान के नीचे शिक्षा दी जा रही है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बरसात होते ही बच्चों को दौड़ लगानी पड़ जाती है। अचानक तेज बारिश होने पर कई छोटे बच्चे भीग जाते हैं। बच्चों व शिक्षकों को आसपास के घरों में शरण लेनी पड़ती है। बारिश यदि हल्की होती है तो कुछ देर के इंतजार के बाद फिर से आसमान के नीचे कक्षाएं लग जाती हैं। इसमें भी कई बार दोबारा बारिश होने पर दौड़ लगानी पड़ती है तो कई बार मौसम साफ रह जाने पर पूरी कक्षाएं चल जाती हैं। अभिभावकों ने इस स्थिति को लेकर नाराजगी का इजहार भी किया। कहा कि प्रशासन को अविलंब ऐसे इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए कि जिससे इस तरह की खराब स्थिति का सामना पढ़ाई के दौरान न करना पड़े।
शुक्रवार को पहुंचे थे 49 बच्चे
प्राथमिक विद्यालय बिलारी में कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक कुल 64 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां शुक्रवार को 49 बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचे हुए थे। मौसम साफ था इसलिए पेड़ों के बीच खुले आसमान के नीचे बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र ने बताया कि ग्राम प्रधान को पानी निकलवाने के लिए कहा गया है। जल्द ही पंपिंग सेट व अन्य वैकल्पिक प्रबंधों से पानी निकलवा दिया जाएगा। इसके बाद विद्यालय में सुचारु पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
परिषदीय विद्यालयों में सभी तरह की व्यवस्था दुरुस्त रखे जाने के निर्देश हैं। कुछ विद्यालयों में पानी के चलते दिक्कत है। वहां पर संबंधित ग्राम पंचायतों को विभागीय निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द ही संबंधित विद्यालयों में स्थिति सामान्य होगी। एक स्कूल में ही पढ़ाई बाधित होने की जानकारी है। अन्य जगहों पर विद्यालय परिसर में ही पढ़ाई हो रही है।
-भोलेेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
अंबेडकरनगर के प्राथमिक विद्यालय बिलारी में जलभराव के चलते बच्चों को करना पड़ रहा मुश्किलों का स?- फोटो : AMBEDKAR NAGAR