राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर करीब एक अरब की लागत से निर्माणाधीन पुल का कार्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले दो माह में करीब एक दर्जन जिलों के हजारों यात्री इस पुल से फर्राटा भर सकेंगे। सरयू नदी पर बनने वाले 1412.25 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। तय योजना के तहत इसका निर्माण कार्य वर्ष 2020 में पूरा हो जाना था लेकिन कोविड काल के ग्रहण से निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। वर्तमान में पुल के 46 में से सिर्फ दो पिलर का निर्माण होना बाकी है।
सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर अंबेडकरनगर व गोरखपुर जनपद को जोड़ने के लिए पीपा पुल बनाया गया है। नदी का जल स्तर बढ़ने पर इस पुल से आवागमन रोक दिया जाता है। इसके चलते वर्ष में सिर्फ 7 माह ही पीपा पुल से यात्री आवागमन कर पाते हैं। 15 जून से 15 नंबर तक पुल से आवागमन बंद होने के कारण नदी के दोनों तरफ स्थित करीब एक दर्जन जिलों के यात्रियों को 40 से 50 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काट कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।
यात्रियों को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2014 में सपा सरकार ने सरयू नदी के कम्हरियाघाट पर पक्का पुल निर्माण को मंजूरी प्रदान की थी। 1412 मीटर लंबे पुल के लिए शासन द्वारा 96.10 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। सेतु निगम ने नाबार्ड योजना से पुल निर्माण का जिम्मा मित्तल कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा था। इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में पूरा होना था।
कार्यदायी संस्था के अनुसार पुल के लिए बनने वाले 46 पिलर में से 44 पिलर का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो चुका है, दो निर्माणाधीन पिलर के कार्य भी करीब 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
कार्यदायी संस्था का दावा है कि जून माह के अंत तक अवशेष कार्य को पूरा कर जुलाई माह से पुल पर आवागमन शुरू किए जाने की तैयारी है। कम्हरिया घाट पर पक्का पुल बन जाने से अंबेडकरनगर, जौनपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर व आजमगढ़ जनपद के अलावा नदी के दूसरी तरफ स्थित गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर व संतकबीरनगर जनपद के यात्रियों को सीधे तौर पर सुचारु आवागमन का लाभ मिलेगा। यात्री पूरे वर्ष इस पुल से आवागमन कर सकेंगे। इससे उन्हें अतिरिक्त दूरी का चक्कर लगाने से निजात मिलेगी।
तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
पुल का निर्माण कार्य इन दिनों काफी तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि जून माह के अंत तक अधूरे कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई अंत या फिर अगस्त माह से पुल से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। इससे एक बड़ी आबादी को सुचारु आवागमन का लाभ मिलेगा।
आशीष श्रीवास्तव] अवर अभियंता सेतु निगम