अंबेडकरनगर। टांडा के चितौरा गांव की महिला सरोजनी देवी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि गाटा संख्या 139 क स्थित उनकी पुश्तैनी भूमि है। पिछले 50–60 वर्षों से मकान, सहन, पिलर और टिनशेड निर्मित था। टांडा के सकरावल बगीचा निवासी तौफीक अहमद व मुवस्सिर समेत आठ-दस अज्ञात लोगों के साथ उनकी भूमि पर कब्जे करने की नीयत से 19 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे पहुंचे। उन्होंने पिलर, दीवार व टिनशेड को बेलचा-कुदाल से तोड़ दिया।
विरोध करने पर गालियां देते हुए जान से मारने और परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। सरोजनी को कमरे में धक्का देकर बाहर से दरवाजा बंद कर बंधक बना दिया। सहन में रखे दो ट्रॉली बांस व थाला बांस भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना टांडा थाने, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को लिखित रूप से दी गई, लेकिन कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। न्यायालय के निर्देश पर टांडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। संवाद