अंबेडकरनगर। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों को एक बार फिर परेशान कर दिया है। रबी फसल की बोआई के दौरान डीएपी खाद की किल्लत से जूझ चुके किसान अब गेहूं फसल सिंचाई के बाद यूरिया खाद के संकट से जूझ रहे हैं।
किसानों को यूरिया खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर काटना पड़ रहा है। खास बात यह कि जिले के अधिकांश पंजीकृत निजी दुकानों से भी यूरिया खाद गायब है। इसके चलते किसानों को ज्यादा मुश्किल हो रही है। किसानों ने जिला प्रशासन व कृषि विभाग से अविलंब साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद का संकट किसानों के लिए भारी पड़ रहा है। जिले के सभी 9 विकास खंडों में संचालित 91 समितियों में से ज्यादातर पर खाद का संकट बना हुआ है। किसान एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खास बात यह कि अधिकांश निजी दुकानों पर भी यूरिया खाद का संकट बना हुआ है। इसके चलते स्थिति ज्यादा खराब हो गई है।
गेहूं की बोआई का कार्य खत्म होने के बाद अब किसान अगेती गेहूं फसल की सिंचाई में जुटे हैं। काफी संख्या में किसान सिंचाई से पहले फसल में यूरिया व जिंक खाद डालते हैं, तो कुछ किसान सिंचाई के बाद। इन दिनों लगभग सभी क्षेत्रों में गेहूं फसल की सिंचाई व खाद डालने का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में समितियों पर यूरिया खाद की अनुपलब्धता किसानों को परेशान कर रही है।
बसखारी प्रतिनिधि के अनुसार बजदहिया पाईपुर, बसखारी प्रथम, बसखारी संघ, हरैया, दौलतपुर हाजलपट्टी, तरौली मुबारकपुर, बसहिया, सिंहपुर आदि समितियों से जुड़े किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं। मकोइया के किसान अंजनी कुमार मिश्र, खेमपट्टी के अनिल वर्मा, अरुसा के रामआधीन वर्मा आदि ने जल्द खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति महरुआ से जुड़े महरुआ निवासी किसान नीरज सिंह, कसड़ा के संजीव, रामपुर हरिनंदन के कार्तिकेय व तिवारीपुर के राजेश कुमार आदि यूरिया खाद न मिलने से परेशान हैं। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति रेवई, जीवत व कबिरहा में काफी दिनों से यूरिया खाद का संकट है।
कबिरहा के संतोष कुमार, संतोष कुमार, शैलेंद्र, जीवत के रवींद्र कुमार व रेवई के अनिल कुमार, सेवराम हरीराम आदि ने यूरिया संकट के लिए जिला प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि जानबूझकर उर्वरकों का संकट खड़ा किया जाता है इससे किसानों को मुश्किल होती है। प्रशासन को अविलंब समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
समितियों पर जल्द पहुंचेगी यूरिया
जिले के पास स्टॉक में 2400 एमटी यूरिया उपलब्ध है। समितियों पर वितरण के लिए 1300 एमटी खाद की संस्तुति डीएम से हो चुकी है। एक दो दिन में समितियों पर मांग के अनुसार यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
- पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी