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400 किसानों को टोकन, तौल सिर्फ एक ट्रॉली

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अंबेडकरनगर। जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों को धान की बिक्री कर पाना किसी जंग लड़ने से कम नहीं है। किसी क्रय केंद्र पर किसानों को रात में सोने के लिए विवश होना पड़ रहा है, तो कहीं पर किसान अपना नंबर आने के इंतजार में प्रतिदिन क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। धान खरीद में सुस्ती होने के चलते किसानों को दिक्कतें हो रही हैं।
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क्रय केंद्रों पर धान बिक्री के लिए किसान प्रतिदिन पहुंच रहे हैं और टोकन भी प्राप्त कर रहे हैं। परंतु सुस्त रफ्तारी का आलम ऐसा है कि किसानों को क्रय केंद्र पर अपने धान के बिक पाने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। क्रय केंद्रों पर 200 से लेकर 400 तक किसान टोकन प्राप्त कर चुके हैं, परंतु प्रतिदिन क्रय केंद्रों पर एक-दो ट्रॉली ही धान की तौल हो पा रही है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा में किसानों के धान की खरीद हो पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है। रबी की बोआई के समय किसान फसल की बोआई करें या धान लदी ट्रॉलियां लेकर समितियों पर दिन गुजारें, यह उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
धान की बिक्री न हो पाने से किसान परेशान हैं। इसके चलते ही बड़ी संख्या में किसान आढ़तियों के हाथों औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचने के लिए विवश हैं। धान खरीद में सुस्ती की मुख्य वजह अधिकारी राइस मिलों से कुटाई का अनुबंध न होना बता रहे हैं। किसानों को धान बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद कागजात सत्यापन में भी पसीने छूट रहे हैं। तहसील प्रशासन पखवाड़ेभर में भी किसानों के आवेदन का सत्यापन कर रिपोर्ट नहीं लगा पा रहा है। इससे किसानों को क्रय केंद्रों के साथ ही तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित विभिन्न एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। क्रय केंद्रों पर मिले किसानों की ओर से दी गई जानकारी के प्रमुख अंश कुछ इस तरह हैं।
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टोकन 270 किसानों को, खरीद चल रही 12वें नंबर की
सहकारी संघ जलालपुर क्रय केंद्र पर खरीद का कार्य अत्यंत सुस्त चल रहा है। धान खरीद व्यवस्था से यहां मौजूद किसान काफी खिन्न दिखे। पूछताछ में पता चला कि क्रय केंद्र पर अब तक 270 किसानों ने धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त किया है। शुक्रवार को 12 नंबर टोकन के किसान की तौल चल रही थी। क्रय केंद्र पर मिले सेठा कला के प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें 170 नंबर टोकन मिला है। जिस रफ्तार से खरीद चल रही है, उससे तो लग रहा है कि उनका नंबर आते-आते क्रय केंद्र ही बंद हो जाएगा। प्रतिदिन दो से तीन ट्रॉली धान की खरीद हो पाना मुश्किल हो रहा है। क्रय केंद्र पर मिले सोनगांव के राहुल कुमार ने सत्यापन कार्य में लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि 15 दिन पहले तहसील में सत्यापन के लिए कागजात जमा किए, लेकिन अब तक सत्यापन नहीं हो सका। सत्यापन न होने के चलते उन्हें टोकन भी नहीं मिल पा रहा है।
सत्यापन में देरी होने पर जताई नाराजगी
किछौछा में संचालित राजकीय खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर धान की खरीद होती मिली। यहां पर अब तक 24 किसानों से 1049 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। खरीद शुरू हुए लगभग माह बीतने को है। महज लगभग एक हजार क्विंटल हुई धान की खरीद से अंदाजा लगाया जा सकता है कि खरीद कार्य कितनी रफ्तार से चल रहा है। केंद्र पर 5 किसान अपना धान लेकर यहां खड़े मिले। किसानों ने यहां क्रय पर खरीद को लेकर ज्यादा समस्या नहीं बताई, लेकिन सत्यापन कार्य में हो रहे विलंब को लेकर किसान नाराज दिखे। महमूदपुर के किसान रामनयन ने बताया कि अक्तूबर में ऑनलाइन आवेदन कराया था। सत्यापन होने में एक माह लग गया। कुछ ऐसी ही समस्या महमदपुर के अखिलेश वर्मा ने भी बताई। कहा कि सत्यापन कार्य में विलंब होने के चलते उन्हें धान बिक्री में देरी हुई और भागदौड़ भी करनी पड़ी।
दिन भर में हो पाती सिर्फ एक ट्रॉली धान की तौल
जहांगीरगंज विकास खंड के विपणन विभाग के जोलहापुर क्रय केंद्र पर किसान धान की धीमी खरीद से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि यहां अभी ज्यादा किसानों की आवक भी नहीं है। इसके बावजूद उन्हें धान की तौल कराने के लिए दो से तीन दिन तक क्रय केंद्र पर खड़ा होना पड़ रहा है। ककरापार के किसान कमलेश मिश्र व विशुनपुर के वीरेंद्र सिंह ने खरीद कार्य में तेजी लाने की मांग की। कहा कि दिन में बमुश्किल एक ट्रॉली धान की तौल हो पाती है। इससे किसानों को दिक्कतें हो रही हैं। किसानों को ठंड के मौसम में रातभर क्रय केंद्र पर सोना पड़ रहा है। प्रशासन को किसानों की समस्या को संज्ञान में लेते हुए खरीद कार्य में तेजी लानी चाहिए। अब तक इस क्रय केंद्र पर 31 किसानों से 1700 क्विंटल धान की खरीद की गई है। यहां लगभग 400 किसानों ने धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त किया है।
किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं
राइस मिलों से अनुबंध न हो पाने की वजह से खरीद कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अब तक 14 राइस मिलों से अनुबंध हो चुका है। अन्य से प्रयास जारी है। जल्द ही सभी 81 राइस मिलों से प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद खरीद कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। फिलहाल जिले का स्थान मंडल में दूसरे स्थान पर है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्रय केंद्र पहुंचने वाले सभी किसानों के धान की खरीद होगी।
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-राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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