अंबेडकरनगर। न्यायालय ने एक दशक पूर्व दहेज के लिए पत्नी को आत्म हत्या करने को विवश करने वाले पति, सास और चचेरे ससुर को आठ साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
वादी मुकदमा बेवाना के अटंगी डड़वा निवासी हरिश्चंद्र यादव के मुताबिक उन्होंने अपनी बेटी का विवाह 27 मई 2015 को इब्राहिमपुर के गोवर्धनपुर त्रिलोकी नाथ के साथ किया था। शादी में एक लाख नकद, अंगूठी, चेन, बाइक व अन्य घरेलू सामान उपहार में दिया था। शादी के कुछ दिनों बाद ही बेटी का पति और सास दुलारी देवी दहेज में एक लाख रुपये की मांग करने लगे।
मांग पूरी नहीं होने पर आठ नवंबर 2015 को त्रिलोकी नाथ, उसके चाचा रामजनम, बहन पूनम ने उनकी बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पति, सास और चाचा पर दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इसी मामले में सोमवार को अपर जिला जज प्रथम जया पाठक ने पति त्रिलोकी नाथ, चाचा राम जन्म, सास दुलारी देवी को आठ साल के कारावास की सजा सुनाई है। इनके ऊपर कोर्ट ने नौ-नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। (संवाद)