विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा तहसील के रसूलपुर मुबारकपुर गांव में एक वरासत मामले ने ऐसा तूल पकड़ा कि लेखपाल की कुर्सी ही चली गई। कोड़रा क्षेत्र के लेखपाल अवधेश कुमार ने वरासत आवेदन को विवादित बताते हुए खारिज कर दिया था। डीएम अनुपम शुक्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निलंबन के आदेश दिए।
शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान केवलपत्ती व उनके पुत्र काशीराम ने अपनी व्यथा डीएम के सामने बयां की। उन्होंने बताया कि उनके पति लालजी का बीते 25 मई 2024 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके नाम दर्ज संपत्ति को अपने व बेटे काशीराम के नाम वरासत करने के लिए आवेदन किया था। उनके एक पुत्र बनारसी को पति के भाई विधिक रूप से गोद ले चुके हैं। लेखपाल की आख्या पर कानूनगो ने विवादित लिखकर वरासत के आवेदन को खारिज कर दिया था। पीड़िता के पुत्र काशीराम ने 24 मई 2025 को पुन: वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लेखपाल अवधेश ने दोबारा इसे विवादित लिखते हुए आख्या भेज दी थी। डीएम ने मौके पर पूछताछ की तो लेखपाल की भूमिका उजागर हो गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर एसडीएम अरविंद त्रिपाठी ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लेखपाल अवधेश मौजूदा समय में एसडीएम के स्टेनाे का जिम्मा भी संभाल रहा था। डीएम ने दो टूक कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही अब हरगिज़ नहीं चलेगी। वरासत जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है। एसडीएम अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के आदेश पर निलंबित कर तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब तहसील और लेखपालों में खलबली मची है।