अंबेडकरनगर। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपील के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में रखे लावारिस शव की पहचान हो गई। यह शव बिहार के मुजफ्फरपुर के चंदवारा निवासी इरफान रजा का था। पहचान के बाद बुधवार को शव को किछौछा दरगाह स्थित कर्बला मैदान कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
इरफान रजा आठ जुलाई को परिवार के साथ रूहानी इलाज के लिए किछौछा दरगाह आए थे। वह मानसिक बीमारी से पीड़ित थे। 21 जुलाई की सुबह वह दरगाह से निकल गए और वापस नहीं लौटे। उसी दिन दोपहर करीब तीन बजे अयोध्या के गोसाईगंज रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात युवक की मौत हुई थी। जीआरपी उपनिरीक्षक सरोज कुमार और आरपीएफ एएसआई मोहम्मद जाफर ने शव को महामाया मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया था।
अंबेडकरनगर पुलिस और बसखारी निवासी जावेद अहमद सिद्दीकी ने सोशल मीडिया पर शव की पहचान कराने की अपील प्रसारित की। देर शाम दरगाह निवासी डॉ. अदीब राणा ने पोस्ट देखकर शव की पहचान इरफान रजा के रूप में की। उन्होंने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और शव की पहचान की पुष्टि की। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।