मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय भवन।
अंबेडकरगनर। अग्निशमन विभाग संसाधनों के साथ कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। उपलब्ध संसाधन से आग बुझाने में सिपाहियों के पसीने छूट रहे हैं। मार्च और अप्रैल के भीतर जिले के अलग-अलग स्थानों पर लगी आग से करीब 600 से अधिक बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी है। यदि संसाधन व कर्मचारियों की कमी नहीं होती तो, आग लगने वाले स्थानों पर दमकल वाहन समय से पहुंचते और किसानों की गाढ़ी कमाई को राख होने से बचा सकते थे। आग बुझाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दमकल वाहनों की बड़ी कमी है।
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26 फायरमैनों की कमी
आग बुझाने में सबसे महत्वपूर्ण फायरमैन के स्वीकृत 82 पद के मुकाबले 57 की तैनाती है। 26 फायरमैनों की कमी है। 12 लीडिंग फायरमैन के मुकाबले चार की उपलब्धता है। एफएसओ के चार स्वीकृत पदोंं में एक की भी तैनात नहीं है। एफएसएसओ के पांच पदों में तीन पद खाली है।
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सात वाहनों पर आग बुझाने की जिम्मेदारी
पूरे जिले में 2500 लीटर क्षमता के पांच फायर टेंडर और पांच हजार लीटर के दो फायर टेंडर के अलावा 400 लीटर व 700 लीटर के दो छोटे वाहन समेत कुल नौ वाहन ही है, जबकि यहां 20 वाहनों की जरूरत है। एक साथ कई आग की घटनाएं होने पर बाहर से दमकल वाहनों को बुलाना मजबूरी है।
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फायरमैन के सहारे विभाग
वाहनों के साथ ही चालकों का भी अभाव है। स्वीकृत 12 पद के मुकाबले तीन चालकों की ही तैनाती हैं। नौ पद रिक्त हैं। अधिकारी की माने तो चालकों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग के उन फायरमैनों की मदद ली जा रही है, जिनके पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस मौजूद हैं।
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वर्जन
उच्चाधिकारियों को किया गया पत्राचार
कर्मचारियोंं और संसाधनोंं की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया है। वर्तमान मेंं जो संसाधन मौजूद है, उससे बेहतर कार्य कराया जा रहा है।
जेपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी