अंबेडकरनगर। उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का स्मार्टफोन मिलने का इंतजार समाप्त हुआ। 21 फरवरी को जिले के 43 महाविद्यालयों में पढ़ रहे पात्र छात्र-छात्राओं को सादे समारोह में स्मार्टफोन का वितरण किया जाएगा। इस दौरान न सिर्फ कोरोना प्रोटोकॉल, बल्कि आचार संहिता का भी पूरी तरह से पालन किए जाने के निर्देश जिम्मेदारों को दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि वितरण के दौरान कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन किया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं में टैबलेट व स्मार्टफोन का वितरण किए जाने की घोषणा बीते दिनों शासन ने की थी। योजना के तहत पूर्व में कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में जिले के 200 छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन का वितरण किया गया था। योजना के तहत जिले के लगभग 96 हजार छात्र-छात्राओं में टैबलेट व स्मार्टफोन का वितरण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
जिन छात्र-छात्राओं को योजना के लाभ के लिए चिह्नित किया गया था, उन्हें इसके बाद से ही स्मार्टफोन मिलने का इंतजार था। इस बीच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लगी, तो छात्र-छात्राओं को लगा कि अब उन्हें स्मार्टफोन के लिए लंबा इंतजार करना होगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। चूंकि इस योजना की घोषणा आचार संहिता लगने से पहले ही गई थी, इसलिए योजना के तहत स्मार्टफोन के वितरण की प्रक्रिया में आचार संहिता बाधक नहीं बनी।
योजना के तहत छात्र-छात्राओं के हाथों में स्मार्टफोन हो, इसके लिए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देशानुसार एडीएम अशोक कनौजिया ने प्रथम चरण में जिले के 43 महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया था कि 20 फरवरी तक छात्रों की संख्या के अनुसार नायब तहसीलदार अकबरपुर से स्मार्टफोन ले लें। इसके बाद 21 फरवरी को स्मार्टफोन का वितरण छात्र-छात्राओं में कर दिया जाए।
स्मार्टफोन वितरण के नोडल अधिकारी/एडीएम अशोक कनौजिया ने बताया कि सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि स्मार्टफोन के वितरण के दौरान न सिर्फ कोरोना प्रोटोकॉल, बल्कि आचार संहिता का पूरी तरह से पालन किया जाए। इस दौरान किसी भी राजनीतिज्ञ की उपस्थिति नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन होता मिला, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।