राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के निकटवर्ती क्षेत्र माझा कम्हरिया में कटान का सिलसिला थम नहीं रहा। बुधवार को जलस्तर में मामूली कमीं होने के बीच कटान से लगभग ढाई बीघा खेत नदी में समा गया। इससे संबंधित किसानों को आर्थिक चपत लगी। इस वर्ष कटान में अब तक लगभग 60 बीघा खेत, भूमि और बाग बाढ़ की भेंट चढ़े हैं।
बीते दो दिनों से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा था बीच। बुधवार को नदी के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई। इससे माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि इन सबके बीच कटान का सिलसिला न थमने से माझा कम्हरिया क्षेत्र के लोगों की चिंता लगातार बनी हुई है।
बुधवार को भी माझा कम्हरिया के ताल्लुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, परमात्मा, संगमलाल, राकेश, राजेश का लगभग ढाई बीघा खेत व भूमि कटान के चलते नदी में समा गया। इससे संबंधित किसानों को आर्थिक चपत लगी। इस बीच माझा कम्हरिया व निषाद बस्ती के लोगों ने प्रशासन से मांग करते हुए कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की मांग की। माझा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस वर्ष कटान के चलते लगभग 60 बीघा खेत, भूमि व बाग नदी में समा चुके हैं।
उधर एसडीएम सदानंद सरोज ने बुधवार को भी कटान वाले क्षेत्र में पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि कटान पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। कहा कि जिन लोगों का खेत, भूमि कटान की भेंट चढ़ा है उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए सर्वे का कार्य चल रहा है। अब तक 22 बीघा खेत व भूमि का सर्वे हो चुका है।