अंबेडकरनगर के नयागांव में चल रहे कथा में श्रोताओं को कथा का रसपान कराते कथावाचक
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आलापुर। भक्तों के पापों का हरण कर लेने वाला ही ईश्वर है। श्रीमद् भागवत कथा सुनने का लाभ तभी है जब हम इसे अपने जीवन में उतारें और उसी के अनुरूप व्यवहार करें। यह विचार क्षेत्र के सनातन वैदिक आश्रम नयागांव देव भूमि पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक श्रीनिवास दास वेदांती जी महाराज ने श्रोताओं को कथा का रसपान कराते हुए प्रकट किया।
कथावाचक ने कहा कि कथा सुनने से मानव जीवन में संस्कार का उदय होता है। जीवन में कितनी भी विकट परिस्थिति क्यों न आ जाए मुनष्य को अपना धर्म व संस्कार नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे ही मनुष्य जीवन के रहस्य को समझ सकते हैं। कहा कि जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ प्रीति है, वही जीवन धन्य है। ईश्वर ने विभिन्न लीलाओं के माध्यम से जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसे हर व्यक्ति को ग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन मूल्यों के बारे में जानकारी मिलने के साथ-साथ अपने कर्तव्य को भी समझा जा सकता है।
आचार्य आशुतोष शुक्ला ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान भोलेनाथ का सार्वजनिक रुद्राभिषेक यज्ञ सनातन वैदिक आश्रम देवभूमि में आयोजित किया जाएगा। रूद्राभिषेक लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ का अभिषेक द्रव्यों के द्वारा करने से अनेकानेक लाभ प्राप्त होते हैं, जिसमें दूध से अभिषेक करने से पुत्र प्राप्ति, शर्करा तथा गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी की विशेष प्राप्ति, शहद से अभिषेक करने पर धन की प्राप्ति, गंगाजल से अभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।