अंबेडकरनगर के शहजादपुर में दुकान बंद कर प्रदर्शन करते सराफा व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में चली आ रही सराफा व्यवसायियों की बेमियादी हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। कहा गया कि केंद्र सरकार काला कानून जबरदस्ती सराफा व्यवसायियों पर थोपना चाह रही है। लगातार इसका विरोध किया जा रहा, इसके बाद भी सरकार मनमानी पर अड़ी है।
सरकार की इस मनमानी के आगे सराफा व्यवसायी झुकने वाले नहीं हैं। जब तक काला कानून वापस नहीं होगा, आंदोलन बंद नहीं होगा। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष घनश्याम सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार सराफा कारोबार पर जो काला कानून लगाना चाहती है, उससे जेवरात आम आदमी की पहुंच से और दूर हो जाएंगे।
सराफा व्यवसायी लगातार इसका विरोध जता रहे हैं लेेकिन इसके बावजूद सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। कहा कि यदि यह कानून लागू हुआ तो सराफा व्यवसायियों के साथ ही आम जनता को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
आभूषणों के दाम में काफी उछाल आ जाएगा। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। सरकार को अविलंब एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के फैसले को वापस ले लेना चाहिए। सराफा व्यवसायियों का यह उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लगभग एक पखवारे से अधिक समय से चल रही हड़ताल से लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ चुकी हैं। लोग आभूषणों की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। जिला मुख्यालय के अलावा जिले के टांडा, रामनगर, जलालपुर, कटेहरी व भीटी आदि क्षेत्र की बाजारों में भी सराफा व्यवसायियों की हड़ताल जारी है।