अंबेडकरनगर। लगातार बढ़ती ठंड के बीच यात्रियों व कमजोर वर्गों के लिए खुशखबरी है। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर नगर के एलआईसी गली में निर्माणाधीन पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय आश्रय स्थल में 10 बेड के रैन बसेरे की शुरुआत कर दी गई है। इसमें निशुल्क रहने व भोजन समेत दवा आदि की भी व्यवस्था की गई है। उधर, जिला अस्पताल परिसर स्थित स्थाई रैन बसेरे पर अभी भी एंबुलेंस कर्मचारियों का कब्जा है, जिससे तीमारदारों को ठंड की रात ठिठुरते हुए गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा सुध नहीं ली जा रही है। इस बीच ठंड को देखते हुए अकबरपुर नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर में दो अस्थाई रैन बसेरे की स्थापना कर दी गई। साथ ही सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का दावा भी किया जा रहा है।
बेघरों व दूसरे क्षेत्र से आने वाले ऐसे लोग, जिनके ठहरने की सुविधा नहीं है, उनके लिए अकबरपुर नगर के एलआईसी गली में 2.97 करोड़ रुपये की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय आश्रय स्थल के निर्माण को शासन ने हरी झंडी प्रदान की थी। 100 बेड वाले इस आश्रय स्थल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। सिर्फ फर्नीचर की ही आवश्यकता है। इसके लिए जरूरी राशि की मांग शासन से की गई है। इस बीच डूडा अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर एक दिन पहले बुधवार से अस्थाई तौर पर 10 बेड के रैनबसेरे की शुरुआत कर दी गई है। इसमें रहना, खाना व दवाई समेत दी जाने वाली अन्य सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। बताया कि पहले ही दिन एक व्यक्ति रहने के लिए आया, जिसे सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
उधर, नगर पालिका परिषद अकबरपुर द्वारा ठंड को देखते हुए बीते दिनों ही अकबरपुर नगर के रेलवे क्रॉसिंग व गांधी आश्रम के निकट अस्थाई रैन बसेरे की स्थापना की गई है। रात्रि में रहने वालों को ठंड से बचाने के लिए रजाई गद्दे के साथ ही अलाव की भी समुचित व्यवस्था की गई है। अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने बताया कि रैन बसेरे में विश्राम के लिए आने वालों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उधर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने बताया कि वे समय समय पर रैन बसेरे का स्थलीय निरीक्षण करती रहती हैं। साथ ही जिम्मेदारों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
जिला अस्पताल परिसर में तीमारदारों के लिए निर्मित रैन बसेरे पर निर्माण के बाद से ही एंबुलेंस कर्मचारियों ने कब्जा कर रखा है। समय-समय पर रैन बसेरा से कर्मचारियों को हटाए जाने की मांग तीमारदारों द्वारा की जाती है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा तीमारदारों को भुगतना पड़ता है। मौजूदा समय में ठंड का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में तीमारदारों को सबसे अधिक समस्या रात गुजारने की हो रही है। रैन बसेरे पर कर्मचारियों का कब्जा बरकरार रहने से तीमारदारों को रात ठिठुरते हुए गुजारना पड़ रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल मिले तीमारदार रमेश कुमार, गंगाराम व रामअवतार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे रैन बसेरे से क्या लाभ, जिसका प्रयोग तीमारदार न कर सकें। पूरी रात इधर-उधर भटककर गुजारना पड़ रहा है। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।