अंबेडकरनगर। जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना पूरी तरह औंधे मुंह गिरी है। धनाभाव के चलते 4115 पात्रों के आवास का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। इनमें 1419 पात्र ऐसे हैं, जिन्हें प्रथम किस्त की राशि ही नहीं मिल सकी है। इसके लिए लगभग सवा सात करोड़ रुपये की जरूरत है जो कि अब तक उपलब्ध नहीं हो सका है। डूडा कार्यालय के अनुसार 4115 आवास के निर्माण के लिए 33 करोड़ से अधिक राशि की मांग शासन से की गई है। शासन से धन उपलब्ध होते ही पात्रों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
शहरी क्षेत्र में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोरों का पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना जिले में मौजूदा समय में पूरी तरह बेपटरी हो गई है। कारण यह कि बीते तीन माह से शासन से इसके लिए राशि ही जिले में नहीं पहुंच सकी है। नतीजा यह है कि योजना के तहत 4115 पात्रों के आवास का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।
इसमें 1419 पात्र ऐसे हैं, जिन्हें निर्माण शुरू करने के लिए प्रथम किस्त की राशि ही नहीं मिल सकी है। बताते चलें कि आवास निर्माण के लिए चयनित पात्र को ढाई लाख रुपये उनके खाते में भेजे जाते हैं। प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार, दूसरी किस्त डेढ़ लाख जबकि तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। डूडा कार्यालय के लिपिक एमके मौर्य ने बताया कि बीते तीन माह से आवास निर्माण के लिए शासन से धन न मिलने के चलते 4115 पात्रों के आवास का निर्माण कार्य ठप है।
इसके लिए शासन से 33 करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये की मांग शासन से की गई है। बताया कि 1419 पात्र ऐसे हैं, जिन्हें प्रथम किस्त के रूप में 7 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि नहीं मिल सकी। इसके चलते उनका निर्माण कार्य ही प्रारंभ नहीं हो सका। 1273 पात्रों को द्वितीय किस्त के रूप में 19 करोड़ 9 लाख 50 हजार तथा 1413 पात्रों को तृतीय किस्त के रूप में 7 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपये की राशि शासन से नहीं मिल सकी।
अकबरपुर नगर के मीरानपुर निवासी फूलकुमारी ने कहा कि योजना के तहत आवास का लाभ मिला है। दो किस्त तो मिली, लेकिन तीसरी किस्त अब तक नहीं मिल सकी है। इसके लिए बार-बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक तीसरी किस्त नहीं मिल सकी है। इससे निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। अकबरपुर की रेशमा बानो व शांति देवी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें दूसरी किस्त नहीं मिल सकी है। ऐसा तब है, जबकि प्रथम किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र भी जमा कर चुके हैं। टांडा के रहमान व जलालपुर के राजितराम ने कहा कि उन्हें प्रथम किस्त का इंतजार है। इसके लिए कई बार संबंधित कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
जिले में आवास निर्माण के लिए 11058 पात्रों का चयन किया गया है। बीते तीन माह से योजना के तहत राशि शासन से नहीं उपलब्ध हो सकी है। निर्माण कार्य प्रारंभ हो सके, इसके लिए 33 करोड़ से अधिक की राशि की जरूरत है। इसकी रिपोर्ट पोर्टल पर भेज दी गई है।
- आदित्य कुमार, परियोजना निदेशक, डूडा