अंबेडकरनगर। जलालपुर नगर पालिका लंबे समय से जल प्रदूषण और गंदगी की समस्या से जूझ रही है। नगर की आबादी एक लाख से अधिक है, जिससे घरों, दुकानों और संस्थानों से प्रतिदिन भारी मात्रा में गंदा पानी और ठोस कचरा निकलता है। जलालपुर में गंदे पानी और ठोस कचरे से सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि आसपास की कृषि भूमि और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोग कई वर्षों से इस समस्या को लेकर आवाज उठा रहे थे। अब आखिरकार शासन स्तर से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जल निगम नगरीय अयोध्या ने पालिका से जमीन मांगी है। इसके निर्माण के लिए 40 करोड़ 23 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।
वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अब इस प्लांट के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। इस प्लांट के जरिए न केवल स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी। बल्कि लोगों को गंदगी से राहत मिलेगी। एसटीपी निर्माण के बाद 40 नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। वहीं नौ नालों को जोड़ा जाएगा। इस प्लांट के बाद नगर में खुले नालों से निकलने वाली गंदगी को पूरी तरह से बंद कर हो जाएगी। सभी छोटे नालों को पाइपलाइन से जोड़कर तीन मुख्य मार्गों से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल नगर को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि मच्छर जनित बीमारियों, जल प्रदूषण और दुर्गंध जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलेगा।
प्लांट में शुद्ध छोड़ा जाएगा तमसा नदी में
प्लांट के शुरू होने के बाद तमसा नदी में गंदा पानी नहीं जा सकेगा, क्योंकि फिल्टर होने के बाद साफ पानी तमसा ने छोड़ा जाएगा। इससे नदी का पानी भी शुद्ध रहेगा। अभी नालों से सीधा पानी नदी में छोड़ दिया जाता है, जिससे पानी दूषित होता है।
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जमीन की हो रही है तलाश
नगर पालिका में एसटीपी प्लांट बनना है, इसके लिए पांच हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्कता है। जमीन की तलाशने के कवायद तेज हो गई है। जैसे ही जमीन मिलती है काम को गति मिलेगी।
विवेक कुमार सिंह, जूनियर इंजीनियर, जलनिगम नगरीय अयोध्या