फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनाभाव में ठप पड़ा 24 करोड़ से निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। साढ़े 24 करोड़ रुपये की लागत से कटेहरी विकास खंड के प्रतापपुर चमुर्चा में निर्माणाधीन जयप्रकाश नरायन सर्वोदय आवासीय विद्यालय का काम धनाभाव के चलते पूरी तरह ठप है। कार्यदायी संस्था यूपी स्टेट निर्माण को प्रथम किस्त के रूप में मिली 5 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है। इसके बाद से रकम नहीं मिली है। नतीजा यह है कि मार्च 2019 तक निर्माण कार्य पूरा कराकर अप्रैल से शिक्षा सत्र शुरू करने की योजना परवान नहीं चढ़ पाई। मार्च बीते भी कई महीने हो गए पर सुध नहीं ली जा रही है।
विज्ञापन

राज्य योजना के तहत 21 दिसंबर, 2016 को कटेहरी विकास खंड के प्रतापपुर चमुर्खा में 24.69 करोड़ की लागत से जयप्रकाश नरायन सर्वोदय आवासीय विद्यालय के निर्माण की स्वीकृति शासन ने प्रदान की थी। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपी स्टेट को सौंपी गई थी।
31 मार्च, 2019 तक निर्माण कार्य पूरा कर एक अप्रैल से विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया था। कार्यदायी संस्था को प्रथम किस्त के रूप में पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा दी गई। संस्था ने निर्माण कार्य प्रारंभ किया, लेकिन शुरुआत से ही धीमी गति से व मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आने लगीं।
विज्ञापन

समाज कल्याण विभाग की देखरेख में बन रहे विद्यालय के निर्माण में लापरवाही की शिकायतें जिम्मेदार अधिकारियों से की गईं, लेकिन कोई ठोस कदम उठाया गया। इस बीच कार्यदायी संस्था ने प्रथम किस्त के रूप में मिली राशि खर्चकर करीब 22 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया।
शेष राशि की मांग कार्यदायी संस्था ने शासन की, लेकिन अब तक राशि नहीं उपलब्ध हो सकी है। इसके चलते निर्माण पूरी तरह ठप पड़ा है। नतीजा यह है कि बेहतर शिक्षा के लिए संबंधित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।
शीघ्र शुरू हो विद्यालय का संचालन
कटेहरी विकास खंड के रामअवतार व ओमशंकर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाएं तो तमाम शुरू होती हैं, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंचती हैं। धनाभाव के चलते विद्यालय का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है।
निर्माण कार्य समय पर पूर्ण हो और विद्यालय का संचालन शुरू हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। मोनू सिंह व अमरजीत ने कहा कि तीन वर्ष हो गए निर्माण कार्य प्रारंभ हुए, लेकिन अब तक कुछ ही कार्य हो सका है। ऐसा तब है, जबकि मार्च 2019 तक निर्माण कार्य पूर्ण होना चाहिए था। कहा कि न सिर्फ अतिशीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए, बल्कि विद्यालय का संचालन भी शुरू किया जाए।
विज्ञापन

धनाभाव के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा है। शासन को रकम के लिए कई बार पत्र भेजा जा चुका है। रुपया मिलते ही निर्माण प्रारंभ करा दिया जाएगा।
- आरके चौरसिया, समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें