अंबेडकरनगर। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर मांझा कम्हरिया व अराजी देवारा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार सुबह नदी का जलस्तर 84.49 सेंटीमीटर था, जोकि चेतावनी बिंदु से महज सात सेंटीमीटर दूर था। वहीं शाम को सरयू का पानी दो सेंटीमीटर तक चेतावनी बिंदु पार कर गया।
लगभग एक सप्ताह पूर्व सरयू का जलस्तर घटने से मांझा कम्हरिया व अराजी देवारा के लोगों ने राहत की सांस ली थी। लगभग 50 बीघे की कटान के साथ शीशम व अमरूद का बाग भी बाढ़ की चपेट में आ गया था। नदी का पानी घटा तो ये उम्मीद जगी कि हालात स्थिर हाे जाएंगे, लेकिन पिछले दो दिनों से जलस्तर में जिस प्रकार से वृद्धि हो रही है, उससे ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। नदी से माझा कम्हरिया के पटपरवा, कल्लू का पूरा, सत्यनारायण का पूरा, नौका पूरा व अराजी देवारा के हंसू का पूरा, परसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा और सिद्धनाथ गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
अराजी देवारा के परमात्मा व रामअवध ने बताया कि नदी में पानी घटने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे ग्रामीणों की चिंताए बढ़ गई हैं। बाढ़ और कटान से सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान होता है। माांझा कम्हरिया के बिदई, सतीराम और फूदल का कहना है कि बाढ़ आई तो अब बड़ा नुकसान होगा। इसके पहले जब बाढ़ आई थी ताे ज्यादातर किसानों के खेत में धान की रोपाई नहीं हुई थी। जलस्तर कम होने पर अधिकांश किसानों ने धान की रोपाई कर दी है।
बढ़ रहा है जलस्तर
सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिस पर नजर बनाकर रखी गई है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ से बचाव के अन्य सभी इंतजाम भी पूरे हैं। -शिव प्रसाद सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड टांडा