अंबेडकरनगर। पांच वर्ष पहले किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो अभियुक्त को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वर्ष 2016 में अकबरपुर कोतवाली में एक महिला ने केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री के साथ अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के निवासी आशीष गुप्त ने दुष्कर्म किया। उसने घटना को उस समय अंजाम दिया, जब वह घरेलूू सामान की खरीदारी करने के लिए दुकान पर जा रही थी। इसके चलते उसकी तबियत काफी बिगड़ गई। बाद में वह किसी तरह घर पहुंची और मामले की जानकारी दी। महिला की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्घ केस दर्ज कर जेल भेज दिया। इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट आशीष वर्मा के समक्ष पेश हुआ।
विशेष लोक अभियोजक आरके पांडेय डबलर ने न्यायालय के समक्ष गवाह व साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के अध्ययन के बाद आशीष गुप्त को घटना का दोषी पाया। न्यायाधीश ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए अलग-अलग धाराओं में 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोषी को एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही कहा कि जुर्माने की रकम का 70 प्रतिशत पीड़िता को बतौर प्रतिकर दिया जाए।