अंबेडकरनगर। लॉकडाउन के बीच चुनाव में बसों के चले जाने से रविवार को गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। तपती धूप में घंटों इंतजार के बाद उन्हेें वाहन मिल सका। इससे यात्रियों में नाराजगी व्याप्त हो गई। उनका कहना था कि यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
जिन जनपदों में 26 अप्रैल को मतदान होना है, वहां के लिए बीते दिन ही अकबरपुर बस स्टेशन की 26 बसें पुलिस लाइन से पुलिस कर्मियों को लेकर रवाना हो गई थीं। ऐसे में अकबरपुर बस स्टेशन में मात्र 26 बसें ही शेष रह गईं। कोरोना को देखते हुए लगाए गए लॉकडाउन के चलते इस बीच रविवार को कम बसें ही सड़क पर उतरीं। नतीजा यह रहा कि इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। उन्हें गंतव्य तक जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सुबह ही यात्री गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर बस स्टेशन पहुंच गए, लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें बस मिल सकी। आजमगढ़ जाने के लिए अकबरपुर बस स्टेशन पर मिले बेवाना के रामप्रसाद व गिरिजाशंकर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बस का इंतजार करते हुए लगभग दो घंटा हो गया है, लेकिन अब तक एक भी बस नहीं आ सकी है। पूछताछ केंद्र पर भी कोई कुछ बताने वाला नहीं है। ऐसे में भीषण गर्मी में उन्हें इधर-उधर परेशान होने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मऊ जाने के लिए परिवार के साथ बस स्टेशन पर मिले शहजादपुर के राममिलन ने कहा कि एक तो पहले से ही बस की कमी हैं, उस पर से 26 बसें चुनाव में चली गईं। अब जो बसें हैं, वह भी लॉकडाउन के चलते सड़क पर नहीं उतर रही हैं। जिम्मेदारों से इस संबंध में जानकारी की जाती है, तो कहा जाता है कि जब पर्याप्त संख्या में यात्री हो जाएंगे, तभी बस निकलेगी।
लगभग डेढ़ घंटा हो गया इंतजार करते-करते, लेकिन अब तक बस नहीं मिल सकी है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाया जाना चाहिए। उधर, एआरएम सत्यनरायन ने बताया कि बसें कम जरूर हैं, लेकिन यात्रियों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।