अंबेडकरनगर। आसमान से बरसती आग के बीच डायरिया समेत अन्य संचारी रोग तेजी से पांव पसार रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित 32 मरीज भर्ती हुए। इनमें से गंभीर 12 मरीज इमरजेंसी में भर्ती किए गए। इस बीच सीएमओ कार्यालय में तैनात एक लिपिक को भी चक्कर आने के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। तेज गर्मी को देखते हुए लोग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इन सबके बीच संचारी रोगों ने भी तेजी से पांव पसारना प्रारंभ कर दिया है। डायरिया व डि-हाइड्रेशन का शिकार होकर लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार को डायरिया से पीड़ित 32 नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। इनमें 12 ऐसे मरीज थे जिनकी हालत गंभीर होने के चलते इमरजेंसी में ही रखना पड़ा। जिन्हें इमरजेंसी में रखा गया उसमें रामकेवल (30), किरन (25), रामसागर (62), अमित (7), मेराज (32), अमरेश (35), दिनेश (52), मनीराम (44), जवाहिर (60), चंदा (62), लालमणि (28) व पूनम (18) शामिल रहीं।
उधर सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक मुकेश (36) सोमवार को बाइक से कार्यालय पहुंचे। बताया जाता है कि जैसे ही बाइक खड़ी कर रहे थे तो उसी समय उन्हें चक्कर आ गया और वे गिर पड़े। इस बीच वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बरतें ये सावधानी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश वर्मा ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि तेज गर्मी को देखते हुए पूरी तरह से एहतियात बरतें। अत्यंत जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। शरीर में पानी की कमीं न होने दें। ओआरएस घोल का प्रयोग करें। तली भुनी व मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। तरल पेयजल का अधिक से अधिक प्रयोग करें। यदि तनिक भी तबीयत बिगड़े तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
हो रहा बेहतर उपचार
सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सभी का बेहतर ढंग से इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। पर्याप्त दवाएं व बेड यहां मौजूद हैं।