जिले के सभी थानोंं में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें पुलिस और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। पुलिस-प्रशासनिक अफसरोंं ने शिकायत सुनकर निस्तारण कराया। सुनवाई के दौरान सर्वाधिक जमीन से संबंधित मामले पहुंचे। अधिकारियों ने मातहतोंं को निस्तारण करने का निर्देश दिया।
जनपद के 18 थानोंं में शनिवार को 122 फरियादी थानोंं पर फरियाद लेकर पहुंचे। इसमें से सबसे अधिक 100 राजस्व तथा 22 मामले पुलिस के रहे। अफसरोंं ने छह पुलिस और छह राजस्व के मामलों का निस्तारण करा दिया। टांडा कोतवाली में डीएम अविनाश सिंह और एसपी डा.कौस्तुभ के समक्ष आठ पीड़ित अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। अकबरपुर कोतवाली में एसडीएम सौरभ शुक्ल और कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह के समक्ष सात शिकायतें पहुंची। इसमें से दो ही निस्तारण हो सका। लोरपुर मुहल्ले के रामसूरत ने बताया कि उनके भाई ने उनके आने जाने का रास्ता रोक दिया है। डीएम से शिकायत करने पहुंचे थे, डीएम के नहीं मिलने पर लौट गए। वे तीसरी बार थानादिवस पहुंचे थे।
फौज लंबी, निपटारे में फिसड्डी
अकबरपुर कोतवाली, बेवाना, अहिरौली और महरूआ में चार-चार, सम्मनपुर व आलापुर मेंं तीन-तीन, बसखारी में नौ, टांडा और जैतपुर में छह-छह, अलीगंज, इब्राहिमपुर में दो-दो, हंसवर, मालीपुर, भीटी में पांच-पांच, जलालपुर में 16, कटका मेंं सात, राजेसुल्तानपुर में 10 मामले आए। राजस्व के मामलों मेंं राजस्व कर्मी केवल छह शिकायतोंं का निस्तारण कर सके। यह हाल तब है जबकि समाधान दिवसों में निपटारे के लिए राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को मौजूद रहने को कहा गया है। इनकी मौजूदगी होती भी है लेकिन निपटारा नहीं हो पाता।