अंबेडकरनगर। नर्सिंग व पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की मान्यता दिलाने के नाम पर कथित रूप से 31.28 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी विनोद कुमार यादव को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली। न्यायालय ने गोरखपुर निवासी आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन के अनुसार, इल्तिफातगंज के मीरानपुर स्थित लॉर्ड बुद्धा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्रबंधक नवीन प्रकाश वर्मा ने संस्थान की मान्यता के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। जुलाई 2018 में आरोपी अपनी टीम के साथ संस्थान पहुंचा और खुद को स्टेट पैरामेडिकल फैकल्टी, लखनऊ का रजिस्ट्रार बताया। निरीक्षण के बाद उसने डेढ़ लाख रुपये लेकर एएनएम, जेएनएम और डीफार्मा समेत अन्य पाठ्यक्रमों की मान्यता के प्रमाणपत्र दिए।
आरोप है कि प्रमाणपत्र और संबंधित वेबसाइट बाद में फर्जी पाए गए। आरोपी ने छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद संस्थान में वर्ष 2018-19 से दाखिले शुरू हो गए। वर्ष 2022 तक गतिविधियां चलती रहीं। छात्रों के अंकपत्रों पर पैसिफिक यूनिवर्सिटी, उदयपुर और जयपुर कॉलेज ऑफ फार्मेसी का नाम देखकर प्रबंधक को संदेह हुआ।
शिकायत के मुताबिक, 20 सितंबर 2018 से नौ फरवरी 2022 के बीच आरोपी के खाते में 29.78 लाख रुपये भेजे गए। कुल 31.28 लाख रुपये देने का आरोप है। पुलिस से कार्रवाई न होने पर प्रबंधक ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद इब्राहिमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। न्यायालय ने प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता, उन्हें जारी करने के अधिकार और धन के लेनदेन की जांच जरूरी मानते हुए अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।