अंबेडकरनगर। जिले के हंसवर थाना क्षेत्र निवासी युवक के तार नक्सलियों से जुड़े होने की जांच कर रही एनआईए ने जिले की पुलिस से उसका आपराधिक इतिहास खंगालने को कहा है। युवक को बीते दिनों ही गिरफ्तार किया गया है। जिला पुलिस ने उसका रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। अभियुक्त के विरुद्ध झारखंड पुलिस ने नोटबंदी के दौरान नक्सलियों के लिए नोट बदलने की आशंका में केस दर्ज किया था।
एनआईए ने हंसवर निवासी नंदलाल स्वर्णकार उर्फ नंदलाल सोनी (48) को गिरफ्तार किया था। उसके विरुद्ध झारखंड के बेड़ो थाने में 16 जनवरी, 2016 को केस दर्ज हुआ था, जिसमें नक्सलियों के लिए काम करने की आशंका जताई गई थी। बाद में उसके विरुद्ध नई दिल्ली में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेेंसी ने जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर नंदलाल स्वर्णकार के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, नोटबंदी के दौरान झारखंड में पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध ढंग से नक्सलियों का पैसा जमा करने का काम कुछ लोग कर रहे हैं, जिनका प्रयोग बाद में राष्ट्र विरोधी हरकतों में हो सकता है। इस मामले में बेड़ो थाने की पुलिस ने 25 लाख से अधिक की रकम सहित लग्जरी वाहन बरामद करने के साथ सात के विरुद्ध केस दर्ज किया था। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। दो अभियुक्त फरार चल रहे थे, जिसमें से एक नंदलाल को बीते दिनों एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया।
इस बीच अब रांची स्थित एनआईए के पुलिस अधीक्षक राकेश शर्मा ने यह पत्र भेजकर तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र मिलने के बाद जिले में उसके आपराधिक इतिहास को खंगालने का काम शुरू हो गया है। हालांकि बताया जाता है कि जिले में उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं पाया गया है। उधर, एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसा कोई पत्र फिलहाल संज्ञान में नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कोई जानकारी साझा भी नहीं की जा सकती।