अंबेडकरनगर। लॉकडाउन के बीच जिले के 2 हजार 49 विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार 653 छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। कोरोना वॉयरस के संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम व एमडीएम योजना के तहत 76 दिन के एमडीएम भोजन के बदले छात्र-छात्राओं या उनके अभिभावकों के खाते में कुल 9 करोड़ 21 लाख 58 हजार 382 रुपये 86 पैसे की राशि भेजी जाएगी।
एमडीएम योजना के तहत मिलने वाले मध्याह्न भोजन के बदले प्रतिपूर्ति के रूप में राशि मिलने में छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए शासन के निर्देश पर बीएसए कार्यालय ने 1 करोड़ 26 लाख 25 हजार रुपये भेजे जाने की तैयारी शुरू कर दी है। शीघ्र ही उनके खाते में राशि पहुंच जाएगी।
लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए गत 24 मार्च से सभी विद्यालय बंद चल रहे हैं। विद्यालयों के बंद रहने से एमडीएम योजना का संचालन भी ठप हो गया। नतीजा यह रहा कि संबंधित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं मध्याह्न भोजन से वंचित हो गए।
बताते चलें कि जिले के 2049 विद्यालयों में एमडीएम योजना का संचालन हो रहा है। इसमें पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार 653 छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना के तहत मध्याह्न भोजन मिलता है। लॉकडाउन के चलते विद्यालयों के बंद होने के बीच छात्र-छात्राओं को राहत देने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एमडीएम योजना की प्रतिपूर्ति के रूप में अब छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावको के खाते में राशि भेजे जाने का निर्णय लिया है।
बताया कि जो राशि खाते में भेजी जाएगी, उसमें काविड-19 व ग्रीष्मावकाश को शामिल किया जाएगा। 24 मार्च 2020 से 30 जून 2020 तक रविवार व राजकीय अवकाश को छोड़कर कुल 76 दिन बनते हैं। ऐसे में 76 दिन की राशि खाते में भेजी जाएगी।
एमडीएम प्रभारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को 4 रुपये 97 पैसे प्रतिदिन की दर से 376 रुपये 29 पैसे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को 7 रुपये 45 पैसे प्रतिदिन की दर से 561 रुपये 2 पैसे दिए जाएंगे। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय के 1 लाख 36 हजार 362 छात्र-छात्राओं के लिए 5 करोड़ 10 लाख 38 हजार 982 रुपये 98 पैसा तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे 73 हजार 294 छात्र-छात्राओं के लिए 4 करोड़ 11 लाख 19 हजार 399 रुपये 88 पैसे भेजे जाएंगे।
इस प्रकार जिले के 2 हजार 49 विद्यालयों में पढ़ रहे 2 लाख 9 हजार 653 छात्र-छात्राओं के लिए कुल 9 करोड़ 21 लाख 58 हजार 382 रुपये 86 पैसा की जरूरत है। बताया कि शासन के दिशा निर्देश के बाद प्रथम चरण में करोड़ 26 लाख 25 हजार रुपये भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शासन से धन की उपलब्धता के बाद शेष राशि भी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों के खाते में राशि भेज दी जाएगी।