फोटो 27, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर आस्था का केन्द्र है यह गायत्री मंदिर।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा स्थित गायत्री मंदिर। मान्यता है कि हृदय से मांगी गई मन्नत यहां जरूर पूरी होती है, इसीलिए इसे सिद्धपीठ के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो प्रतिदिन पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। ऐसी मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने माता सीता, भाई लक्ष्मण व अयोध्यावासियों के साथ मंदिर के सामने स्थित विशालकाय पीपल के पेड़ के नीचे विश्राम किया था। सुबह अयोध्यावासियों को सोते हुए छोड़ कर तीनों चले गए थे।
मंदिर के पुजारी विद्यासागर पाण्डेय ने बताया कि नवरात्र में प्रतिदिन सुबह-शाम आरती होती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागीदारी करते हैं। मंदिर में मां गायत्री व भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है। कहा कि नवरात्र के अंतिम दिन हवन-पूजन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर के ट्रस्टी रामकलप वर्मा ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार करीब 60 वर्ष पूर्व हुआ था। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जाती हैं।