अंबेडकरनगर। धान खरीद के लिए बोरे देने के नाम पर करोड़ों की धांधली के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सदर ने खाद्य एवं विपणन विभाग से जुड़े मार्केटिंग इंस्पेक्टरों को पत्र भेजकर कहा है कि वह जल्द जल्द से जरूरी प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दें। माना जा रहा है कि दो दिन के भीतर यह प्रमाण पत्र मिल जाएंगे।
बीते दिनों अमर उजाला ने धान खरीद में बोरी देने के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने की कोशिशों का पर्दाफाश किया था। विभागीय जांच के बीच अमर उजाला के इस खुलासे पर डीएम अविनाश सिंह ने मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। अब इसी मामले में एसडीएम सदर पवन जायसवाल ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बुधवार को सभी मार्केटिंग इंस्पेक्टरों को पत्र भेजकर कहा कि पूरे प्रकरण में जरूरी कागजात उन्हें उपलब्ध करा दिए जाएं। एसडीएम ने जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा से कहा कि वे कागजात उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
बताले चलें कि जिले के एक राइस मिलर ने बीते तीन वर्ष में हुई धान खरीद के लिए अलग-अलग क्रय केंद्रों को बोरे उपलब्ध कराने का दावा किया था। उसने इसके एवज में भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया। आरोप है कि बिल को भुगतान के लिए अग्रसारित करने में मार्केटिंग इंस्पेक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए। इन इंस्पेक्टरों ने पहले ही लिखकर दे दिया है कि ऐसे किसी बिल भुगतान के लिए उनके द्वारा कोई संस्तुति या हस्ताक्षर नहीं किया गया है। अब इन्हीं तथ्यों की जांच एसडीएम के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम को करना है। टीम के मुखिया एसडीएम सदर ने बुधवार को बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसे तेजी से पूरा किया जाएगा।