अंबेडकरनगर। जिले के शिक्षा क्षेत्र कटेहरी और रामनगर में सोमवार को बगैर मान्यता के स्कूलों का संचालन रोकने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने जगह-जगह छापा मारा। इस दौरान दोनों ब्लॉकों में बिना मान्यता के संचालित नौ विद्यालय बंद कराकर ताला जड़ दिया गया। इन स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 600 छात्र-छात्राओं का नामांकन नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में करा दिया गया। इस बीच बीएसए ने सभी ऐसे विद्यालयों को संचालन बंद करने की चेतावनी दी है, जिनकी मान्यता नहीं है। कहा कि जल्द ही केस दर्ज कराकर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान को मजबूती प्रदान करने के लिए कटेहरी ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी सबिस्ता परवीन के नेतृत्व में विशेष अभियान चला। एआरपी डॉ. अशर्फीलाल, बृजेश कुमार, राम निहाल वर्मा, मनीष कुमार, महेंद्र प्रताप गुप्त, स्कूल शिक्षक फूलचंद्र वर्मा समेत कई प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की टीम ने बिना मान्यता के चल रहे मदरसा गौसिया फैजुल उलूम पहितीपुर, एपीएस पब्लिक स्कूल पहितीपुर, देव प्राथमिक विद्यालय बरामदपुर जरियारी, आरजेएस पब्लिक स्कूल घनेपुर, राम जगत पब्लिक स्कूल जमालपुर और सरस्वती पब्लिक स्कूल माधवपुर को बंद करा दिया।
विद्यालय संचालकों को खंड शिक्षा अधिकारी सबिस्ता परवीन ने चेतावनी दी कि यदि मान्यता लिए बगैर संचालन किया तो केस दर्ज कराया जाएगा। बाद में इन स्कूलों के 503 बच्चों का नामांकन नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में करा दिया गया। एआरपी टीम ने इससे पहले बाबा ईंट भट्ठा पहितीपुर और एचएस ईंट भट्ठा बरामदपुर जरियारी से 30 बच्चों को पढ़ाई के लिए तैयार किया। नजदीकी परिषदीय स्कूल के प्रधानाचार्य को बुलाकर नामांकन कराने को कहा गया।
उधर, रामनगर शिक्षा क्षेत्र में बगैर मान्यता के संचालित किए जा रहे विद्यालयों को बंद कराने का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी रियाजुद्दीन अंसारी ने एआरपी आलोक त्रिपाठी आदि के साथ विद्यालयों का निरीक्षण किया। टीम ने आमा दरवेेशपुर के सिटी मांटेसरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस विद्यालय के पास मान्यता नहीं थी। यहां 27 बच्चे पढ़ाई करते मिले। विद्यालय को तत्काल बंद करा दिया गया।
इसके अलावा टीम ने बगैर मान्यता के संचालित बीके पब्लिक स्कूल नीबा को बंद कराया। इन स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों का प्रवेश नजदीकी परिषदीय स्कूल में कराने का निर्देश दिया। टीम ने श्रीराम उम्मेद जूनियर हाईस्कूल को भी मान्यता के अभाव में बंद करा दिया। हालांकि टीम के यहां पहुंचने से पहले ही विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को घर भेज दिया गया था। संबंधित विद्यालय को नोटिस जारी किया गया। हिदायत दी गई कि बगैर मान्यता के स्कूल का संचालन न किया जाए।