अंबेडकरनगर। दहेज के लिए महिला की हत्या करने की दोषी सास को अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बताते चलें कि इस मामले में मृतक महिला के पति व देवर फरार चल रहे हैं, जबकि ससुर की विवेचना के दौरान मौत हो चुकी है।
टांडा कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर बेल्दहां निवासी अजय कुमार ने वर्ष 2010 में टांडा कोतवाली में अपनी बहन की दहेज के लिए हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया। बताया कि उसकी बहन रेखा का विवाह करीब 10 वर्ष पहले भोलई उर्फ रामध्रुव निवासी पुंथर के साथ हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद उसकी बहन को ससुरालीजनों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसके चलते उसकी बहन ससुराल नहीं जा रही थी। पंचायत में सुलह समझौते के बाद वह अपनी ससुराल पुंथर गई थी। 8 मार्च 2010 की रात उसकी बहन की पति भोलई उर्फ रामध्रुव, देवर प्रहलाद, सास केशपत्ती उर्फ केशा व ससुर मुन्नीलाल ने ईंटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना शुरू की।
इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए मामला अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के समक्ष प्रस्तुत हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान पता चला कि विवेचना के दौरान ससुर मुन्नीलाल की मृत्यु हो गई, जबकि घटना के बाद से पति भोलई उर्फ रामध्रुव व देवर प्रहलाद फरार चल रहे हैं। इस पर न्यायाधीश ने सास केशपत्ती उर्फ केशा को उम्र कैद की सजा सुनाया, और अलग अलग धाराओं में कुल 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कहा कि जुर्माने में से 20 हजार रुपये की रकम मृतका के भाई को प्रदान की जाए। कहा कि जुर्माने की रकम न अदा करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।